मायावती के भाई को मोदी सरकार ने दिया एक बड़ा तोहफा, दोनों दलों में खुशी की लहर

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नई दिल्ली: जल्द ही लोकसभा चुनाव का आगाज होने वाला है. पूरे देशभर में चुनावी बिगुल शुरू हो चुका है. आगामी चुनाव से पहले देश में विधानसभा चुनाव होने वाले है. इसी को देखते हुए हर राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव की तैयारी तेजी से शुरू कर दी है. कई बागी नेता चुनाव से पहले सामने आ रहें है. तो कई सहयोगी नेताओं का दमन थाम रहे है.

केंद्र सरकार ने एक मुख्य फैसला लेते हुए तीन राज्यों में राज्यपाल की नियुक्ति की

बता दें कि केंद्र सरकार ने एक मुख्य फैसला लेते हुए तीन राज्यों में राज्यपाल की नियुक्ति की है. इस दौरान मुख्य बात यह सामने आई है कि इनमें बसपा प्रमुख मायावती का भाई भी शामिल है. बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई को पीएम मोदी ने बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया है.

लालजी टंडन विधायक, सांसद और मंत्री भी रहे है

लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ हुआ था. इसके बाद उन्होंने सभासद बनकर राजनीती में कदम रखा था फिर उन्हें विधायक, सांसद और मंत्री भी बनाया गया. बता दें कि टंडन की उम्र 83 साल की है. कहा जा रहा है कि वह अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी भी रहे है. मायावती और टंडन भाई-बहन का रिश्ता है.

बसपा सुप्रीमो मायावती से बंधवाते थे राखी

लालजी टंडन मायावती को अपनी बहन मानते रहे है. इसी वजह से पिछले कई सालों से वह मायावती से राखी भी बंधवाते रहें है. वहीं मायावती भी उन्हें अपना भाई मानती है, बेशक दोनों ही नेता अलग-अलग पार्टी के हो लेकिन दोनों के रिश्तो में कोई खटास नहीं देखी गई है.

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मायावती को गेस्ट हाउस कांड में बचाया था

बता दें कि मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड भी हुआ था, तब मायावती को बचाने वालों में टंडन भी शामिल थे. इसी घटना के बाद से मायावती ने लालजी टंडन को अपना भाई मान लिया था. बीजेपी और बसपा के गठबंधन की सरकार में मायावती लालजी टंडन को रक्षाबंधन पर चांदी की राखी भी बांधा करती थी. दोनों का यह रिश्ता आज तक काफी चर्चाओं में रहा है. माना यह भी जा रहा है कि इस नतीजे के बाद से बसपा और बीजेपी में चुनाव को लेकर सकारात्मकता देखी दी जा सकती है.