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तालाबों पर अतिक्रमण का मुद्दा फिर गरमाया: बागपत में आयुक्त से कार्रवाई की मांग – Baghpat News

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तालाबों पर अतिक्रमण का मुद्दा फिर गरमाया:  बागपत में आयुक्त से कार्रवाई की मांग – Baghpat News

तालाबों पर अतिक्रमण का मुद्दा फिर गरमाया: बागपत में आयुक्त से कार्रवाई की मांग – Baghpat News


बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम ढिकौली में तालाबों पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है। शिकायतकर्ताओं ने मेरठ मंडल के आयुक्त को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन भेजकर तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने और न्यायालयों के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। ‘जगत वाले तालाब’ समेत कई जलाशयों पर अतिक्रमण का आरोप शिकायत में कहा गया है कि ग्राम ढिकौली के खसरा संख्या 817 स्थित ‘जगत वाले तालाब’ सहित अन्य तालाबों पर भी अतिक्रमण बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। न्यायालयी आदेशों का दिया हवाला ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2017 और 2023 में दिए गए उन निर्देशों का उल्लेख किया है, जिनमें तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनके संरक्षण पर जोर दिया गया था। उनका कहना है कि आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। एनजीटी में भी उठ चुका है मामला शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह विषय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में भी विचाराधीन रहा है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मामलों में कार्रवाई शुरू होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अभी तक तालाबों की वास्तविक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। सीमांकन और पुनर्जीवन की मांग ग्रामीणों ने आयुक्त से मांग की है कि संबंधित विभागों को तत्काल तालाबों का सीमांकन कराने, अतिक्रमण हटाने और जलाशयों के पुनर्जीवन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि तालाब पर्यावरण संरक्षण और भूजल स्तर बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अवमानना याचिका की चेतावनी शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि न्यायालयों के आदेशों का पालन नहीं कराया गया तो वे कानूनी विकल्प अपनाने और अवमानना याचिका दायर करने पर विचार करेंगे। प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं और अब उन्हें प्रशासन की ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

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