एक टेबल पर 4-4 छात्र, बीच में स्मार्टफोन और चीटिंग: भिंड में AI से पेपर हल करते दिखे छात्र; NEWS4SOCIALके स्टिंग में कैद हुए नकलची – Bhind News h3>
क्लासरूम में बैठे छात्र सिर झुकाकर तेजी से जवाब लिख रहे हैं। पहली नजर में यह किसी परीक्षा का सामान्य दृश्य लगता है, लेकिन उनके सामने रखी उत्तर पुस्तिकाओं से ज्यादा नजर मोबाइल स्क्रीन पर है। कोई ChatGPT से जवाब खोज रहा है, कोई Gemini और Google का सहारा ले रहा है। यह दृश्य भिंड के यदुनाथ कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र का है, जहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की पीजीडीसीए और डीसीए परीक्षा में खुलेआम नकल का मामला सामने आया है। दैनिक NEWS4SOCIALकी पड़ताल में परीक्षा केंद्र के भीतर के वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में परीक्षार्थी मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नों के उत्तर तलाशते और उन्हें उत्तर पुस्तिका में लिखते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल आसानी से पहुंच रहे थे और नकल रोकने की व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित थीं। NEWS4SOCIALस्टिंग- दो दिन तक अंदर पहुंचा मोबाइल
NEWS4SOCIALरिपोर्टर ने सच्चाई जानने के लिए एक परीक्षार्थी के माध्यम से लगातार दो दिन तक परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन पहुंचाया। दूसरे दिन परीक्षा के दौरान हॉल के भीतर का पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इस वीडियो में कुछ परीक्षार्थी समूह बनाकर चर्चा करते हुए दिख रहे हैं, जबकि अन्य छात्र-छात्राएं मोबाइल स्क्रीन पर ChatGPT, Gemini और Google के जरिए सवालों के जवाब तलाशते नजर आ रहे हैं…पढ़िए रिपोर्ट। AI बना नकल का नया हथियार, जांच के दावे निकले खोखले
परीक्षा हॉल में पर्चियों और गाइड की जगह अब मोबाइल फोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ने ले ली है। कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ी इस परीक्षा में तकनीक का ऐसा इस्तेमाल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। केंद्र पर परीक्षार्थियों की सख्त जांच के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन हकीकत में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन आसानी से अंदर पहुंच गए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर उड़नदस्ते या किसी औचक निरीक्षण दल की सक्रिय मौजूदगी भी दिखाई नहीं दी। देखिए परीक्षा हॉल की वो तस्वीरें जो NEWS4SOCIALने सामने लाईं… पर्यवेक्षक ने बनाए थे 24 नकल प्रकरण
यदुनाथ कॉलेज केंद्र पर नकल रोकने के लिए एमजेएस कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमंत दुबे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। डॉ. दुबे के अनुसार, उन्होंने शुरुआती परीक्षाओं में सख्ती बरतते हुए दो से तीन पेपरों में 24 नकल प्रकरण बनाए थे। सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक विशेष पर्यवेक्षक की तैनाती की थी, लेकिन इसके बावजूद केंद्र पर परीक्षाएं जारी रहीं। प्राचार्य ने दिए जांच के आदेश, व्यवस्था पर उठे कई गंभीर सवाल
इस पूरे मामले पर लीड कॉलेज के प्राचार्य आर.ए. शर्मा ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है और इसकी सघन जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो परीक्षा केंद्र की परीक्षाओं को निरस्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखा जाएगा। इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि प्रतिबंधित होने के बावजूद मोबाइल अंदर कैसे पहुंचे और 24 नकल प्रकरण बनने तथा विशेष पर्यवेक्षक की तैनाती के बाद भी धांधली कैसे जारी रही। यह मामला परीक्षा हॉल में एआई के दुरुपयोग की एक नई और गंभीर चुनौती को भी दर्शाता है।