फ्री में मकान देने के बदले, शारीरिक संबंध बनाते हैं मकान मालिक

फ्री में मकान देने के बदले, शारीरिक संबंध बनाते हैं मकान मालिक
फ्री में मकान देने के बदले, शारीरिक संबंध बनाते हैं मकान मालिक

फ्री में मकान देने के बदले, शारीरिक संबंध बनाते हैं मकान मालिक

दक्षिणी-पूर्व लंदन में कई ऐसे मकान मालिक हैं जो लड़कियों को मुफ्त में अपना कमरा या फ्लैट ऑफर करते हैं। लेकिन इसके बदले वे लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाने को कहते हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कई महिलाओं के पास जब सिर ढकने की कोई जगह नहीं होती है, तो वो मजबूर होकर इस जाल में फंस जाती हैं और मकान मालिक ऐसी लड़कियों को ही अपना निशाना बनाते हैं।

डेलीमेल डॉट को डॉ यूके में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के मामले हमेशा च्वाइस का ही नहीं होता है बल्कि इसके तहत महिलाओं मानसिक और शारीरिक शोषण भी किया जाता है। हालांकि मकान मालिक सीधे तौर पर सेक्स फॉर रेंट का विज्ञापन नहीं देते हैं, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से रेंट देने की बात करते हैं और कामुक लड़कियों की तलाश करते हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेग्सलिस्ट नाम की वेबसाइट पर हर रोज करीब 100 ऐसी लिस्टिंग मकान मालिक डालते हैं।

मीडिया से बातचीम में कुछ मकान मालिक ने ऐसे संबंधों को फ्रेंड विद बेनिफिट बताया था।

एक मकान मालिक ने कहा कि कोई भी जबरन ऐसा नही करता। लोग अपनी इच्छा से ऐसा करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 40 से 50 साल तक के मकान मालिक ऐशे डील करने में शामिल होते हैं।

खास बात ये है कि ये सिर्फ दिक्षिणी-पूर्व लंदन तक सीमित नहीं है। बल्कि कई दूसरे शहरों में भी मजबूर लड़कियों को इस तरह से इस्तेमाल किया जाता है।

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पश्चिमी सभ्यता को आदर्श समझने वालों के लिए ये एक आंख खोल देने वाली रिपोर्ट है। वो जो लोग तरक्की को किसी भी कीमत पर हासिल करना चाहते हैं। उनके लिए यह एक उदाहरण है। यही नहीं पश्चिमी देशों को भी सोचने की जरूरत है जो महिला अधिकारों एंव महिला सशक्तिकरण पर हमें उपदेश देते हैं।

पोस्ट-मॉडर्नाइजेशन (उत्तर-आधुनिकता) के इस दौर में जिन देशों ने भौतिकता को इतना बढ़ा दिया कि आज उन्हीं देशों के लोग इस हद तक मजबूर हो गए हैं और कोई इतना असंवेदनशील हो गया है कि मदद के नाम पर इस तरह के कार्यों को करने में कोई शर्म महसूस नहीं करता।