चीनी रक्षा मंत्री पहुंचे भारत, डोकलाम विवाद के बाद पहली बार होगी बड़ी बैठक

चीन के रक्षामंत्री आज दिल्ली पहुचे है. भारत और चीनी रक्षामंत्री दोनों आज एक साथ बैठक करेंगे. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद वह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ डेलिगेशन बातचीत करेंगे. डोकलाम विवाद के बाद यह पहली बार है की दोनों देशो के रक्षा मंत्रियो की आपस में बैठक हो रही है. आपको बता दे डोकलाम विवाद के बाद भी चीनी सैनिक कई बार भारत के सीमे में दखल दे चुके है. भारत इसका कई बार कड़ा विरोध भी कर चूका है. इसके अलावा भारत चीन की महत्वकांशी योजना CPEC का भी लगातार विरोध करता आ रहा है. योजना के तहेत जहा निर्माण होना है वह POk यानी पाकिस्तान अधिक्रत कश्मीर का हिस्सा है जो की भारत का इलाका है.

चार दिवसीय दौरे पर भारत आये है चीनी रक्षामंत्री

चीन के विदेश मंत्री वेई फंग भारत के चार दिवसीय दौरे पर भारत आये है. उम्मीद की जा रही है की दोनों देश डोकलाम और अन्य विवादों के ऊपर बातचीत करेंगे.  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वेई के दौरे का मुख्य उद्देश्य अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में हुए अनौपचारिक शिखर सम्मेल में किए गए निर्णयों को लागू करने के लिए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के साथ विचार-विमर्श करना है.

क्या था डोकलाम विवाद?

बता दें, बीते साल जून से लेकर अगस्त के अंतिम हफ्ते करीब 72 दिनों तक भारत-चीन बॉर्डर के डोकलाम इलाके में देनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी देखने को मिली थी. ये माहौल काफी तनावपूर्ण था. ये विवाद सड़क बनाने को लेकर ही शुरू हुआ था. दरअसल भारतीय सेना के दल ने चीन के सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोका था.

चीन का दावा है था कि वह अपने इलाके में सड़क निर्माण कर रहा है. जबकि इस इलाके को भारत के लिहास से ये इलाके काफी महत्वपूर्ण है. चीन ये भी दावा करता है कि ये इलाका उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है.

हालाँकि शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच बातचीत का जो समझौता हुआ था उस पर अब दोनों देश पुरी तरह से अमल करना चाहते हैं.