जानिए जयपुर के मुख्य दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल

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जानिए जयपुर के मुख्य दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल

जयपुर अपने विशाल किलों और शानदार महलों से यह शहर शाही राजपूत विरासत को सैलानियों के सामने प्रदर्शित करता है. इसकी सबसे बड़े खासियत यह है कि यहां के रंगीन लोगों की मेहमाननवाजी बहुत खास होती है. जयपुर में होने वाले त्यौहारों में आधुनिक जयपुर साहित्य सम्मेलन से लेकर पारंपरिक तीज, गणगौर और काइट फेस्टीवल भी हैं. यहां पर कई ऐसी वैराइटी के हस्तशिल्पों की दुकानें हैं.

जयपुर में देखने के लिए केवल इतना ही नहीं है. जो लोग यहां घूमने आते है उनके लिए कई ऐसे चीजें है जो बहुत ही खास है यहां की सुन्दरता दर्शकों को काफी पंसद आती है. चलिए हम ऐसे कुछ ऐतिहासिक स्थानों की बात करते है जिसके बारे शायद ही कुछ लोग जानते हो.


आमेर किला
यह किला राजस्थान की शान माना जाता है, यह राजस्थान के सबसे अच्छे किलो में से एक है. इसकी नक्काशी, कलात्मक चित्रण, शीश महल के लिए विश्व प्रसिद्ध है. वहीं प्राचीन काल में आमेर को अम्बावती, अमरपुरा तथा अमरगढ़ के नाम से जाना जाता था. आमेर का किला जयपुर से 11 किलोमीटर दूर जयपुर का ही एक उपनगर है.


सिटी पैलेस
सिटी पैलेस एक लोकप्रिय विरासत है, जो शहर के बीचोबीच स्थित है. सिटी पैलेस शानदार इमारतों में से एक माना जाता है. इस महल का निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह माधो ने करवाया था महाराजा सवाई जय सिंह माधो ने ही जयपुर की स्थापना की थी. इस महल में राजपूत और मुगल शैली की वास्‍तुकला का एक सुंदर समामेलन है. इसमें भ्रमण करने के लिए भारतीयों को 75 रू और विदेशियों को 300 रू का प्रवेश शुल्‍क देना होता है.


हवामहल
हवामहल का इतिहास बड़ा ही रोचक है. राजस्थान के जयपुर शहर के सिटी प्लेस में मौजूद यह इमारत किसी अजूबे से कम नही है. यह खूबसूरत इमारत राजाओ की शानो शौकत को बयां करती है. हवा महल लाल गुलाबी बलुआ पत्थर से बनाया गया है. इस खूबसूरत पांच मंजिला भवन का निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने 1799 में करवाया था. इस महल में 953 खिड़कियां हैं.


जंतर-मंतर
जंतर मंतर का निर्माण 1724 ई. में पूरा किया गया था. बता दें कि जयपुर के महाराजा जयसिंह ने इस वेधशाला का निर्माण किया था. उन्‍होंने उज्‍जैन, वाराणसी और मथुरा मे इसी प्रकार की अन्‍य वेधशालाओं का भी निर्माण काराया है.


जयगढ़ किला
जयगढ़ किले को विजय किले भी कहा जाता है. यह जयपुर में पर्यटन स्‍थलों में से एक है. जो शहर से 15 किमी. की दूरी पर स्थित है. यह ईगल्‍स के हिल पर अम्‍बेर किले से 400 फुट की ऊंचाई पर स्थित है.


जल महल
जलमहल भारत के राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर के मान सागर सरोवर के बीच में स्थित है. 18 वी शताब्दी में आमेर के महाराजा जय सिंह द्वितीय ने इस पैलेस और जलमहल का बनाया गया था. इस जलमहल को आंखों को मनमोहक रूप में बनाया गया है.


अल्बर्ट हॉल
अल्‍बर्ट हॉल का निर्माण महाराजा सवाई सिंह माधो द्वारा 1886 ई. में किया गया था. अल्‍बर्ट हॉल को बनाने में 4 लाख रूपए लगे थे. यह एक सुरम्‍य और खूबसूरत गार्डन है. जोकि राम निवास बाग में स्थित है. इसमें धातु मूर्तियों, चित्रों, हाथी दातों, कालीन और रंगीन क्रिस्‍टल का भव्‍य संग्रह प्रदर्शित किया गया है.


गोविंददेवजी मंदिर
जयपुर के आराध्य देव गोविन्ददेवजी का मंदिर सिटी पैलेस के अंदर बना हुआ है ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति को जयसिंह द्वितीय वृन्दावन से लाये थे और उन्होंने इस मूर्ति को यहीं स्थापित कर दिया था.

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बता दें कि जयपुर में ऐसे कई ऐतिहासिक स्थल है जोकि दिखने में बहुत ही सुन्दर है और पर्यटको के धूमने के लिए बहुत ही पसिध्द है.