लखनऊ: आने वाले चुनाव को लेकर भाजपा पार्टी हिंदू वोट बैंक पर अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुट गई है. सबसे बड़े राज्य यूपी में बसपा और सपा के महागठबंधन की अटकलों के बीच बीजेपी यहां अपना दबदबा बनाने की पूरी संभव कोशिश में है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अधिक वोटों के आधार पर जीत दर्ज करने के बद इस बार भी भाजपा अपना परचम यहां दोबारा लहराने के लिए हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण में जुट चुकी है. इसी हिंदू वोटों को हासिल करने के लिए बीजेपी उत्तर प्रदेश के सभी छोटे-बड़े मंदिरों, मठों और आश्रमों की सूची तैयार कर रही है.
1.4 लाख बूथ कार्यकर्ताओं को प्रो-फॉर्म
आपको बता दें कि पार्टी इसके अलावा अनुसूचित जाति और ओबीसी के तहत आने वाले जाति के लोगों की सूची भी तैयार कर रही है. जिसके अनुरूप जाति और धर्म को लेकर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सही रणनीति बनाई जा सकें. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, यूपी की भाजपा यूनिट ने इस प्रकार का डाटा जमा करने के लिए 1.4 लाख बूथ कार्यकर्ताओं को प्रो-फॉर्म दिया है. इस फॉर्म में धार्मिक स्थल का नाम, उनके प्रसिद्ध पुजारी, स्थान और उनके मोबाइल नंबर भरने हैं. इसका उद्देश्य इन पुजारियों के द्वारा मंदिर या मठों से जुड़े लोगों तक पहुंचने की है.
एससी और ओबीसी जाति का भी डाटा इकट्ठा कर रही है बीजेपी
ये ही नहीं इसके बवजूद भाजपा में बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं से अनुसूचित जाति और ओबीसी के वोटरों की सूची तैयार कर रही है. हर बूथ में एससी और ओबीसी जाति के कम से कम दो पुरुष और दो महिला होना जरुरी है. इसके अलावा पार्टी उन लोगों की भी लिस्ट तैयार कर रही है जो भाजपा के कोर वोटर रहें है. उनके नाम और नंबर भी जुटाए जा रहें है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.6 लाख पोलिंग बूथ हैं. पार्टी की प्रयाप्त कोशिश है कि बूथ पर कम से कम 21 लोगों हो. बूथ लेवल पर पार्टी एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, महासचिव नियुक्त कर रही है.
40 लाख कार्यकर्ता संभालेंगे कमान
उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष जेपी राठौर का कहना है कि बूथ सेक्शन कमिटी की बैठक 16 अगस्त से 25 अगस्त के बीच होगी. बूथ मैनेजमेंट कमिटी 29 लाख कार्यकर्ता की एक समर्पित को तैयार करेगी और 11 लाख कार्यकर्ताओं को ब्लॉक और जिला स्तर पट लगाएगी. जिसके तहत पूरे राज्य में 40 लाख वर्कर्स की भर्ती के लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सकें. कार्यकर्ताओं लोगों से बातचीत भी करेंगे.
पार्टी ने हर बूथ को एक अलग कोड देने किया प्लान
पार्टी ने हर बूथ को एक अलग कोड देने का प्लान किया है. जो निर्वाचन क्षेत्र या बूथ पार्टी के फेवर वाला होगा उसे ‘ए’ कोड में रखा जाएगा. जहां पर पार्टी के 60-40 चांस होगा उसे ‘बी’ और जो इलाका अल्पसंख्यक बाहुल्य होगा उसे ‘सी’ श्रेणी में रखा जाएगा.










