HomeTop stories‘अखिलेश आए तो पुलिस भर्ती में इंटरव्यू फिर शुरू होंगे’: फर्रुखाबाद...
Advertising
<
‘अखिलेश आए तो पुलिस भर्ती में इंटरव्यू फिर शुरू होंगे’: फर्रुखाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा- जाति के आधार पर नंबर दिए जाएंगे – Farrukhabad News
‘अखिलेश आए तो पुलिस भर्ती में इंटरव्यू फिर शुरू होंगे’: फर्रुखाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा- जाति के आधार पर नंबर दिए जाएंगे – Farrukhabad News h3>
फर्रुखाबाद में बुधवार को अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतिमा अनावरण के बाद उन्होंने सातनपुर मंडी में आयोजित महाकुंभ रैली को संबोधित किया। यहां उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव सत्ता में आए तो पुलिस भर्ती में सबसे पहले इंटरव्यू शुरू करेंगे। मंत्री बघेल ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि इंटरव्यू में जाति और पार्टी के आधार पर कम या ज्यादा नंबर दिए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अखिलेश यादव बिना इंटरव्यू के नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने जनता से कहा कि वर्तमान में इंटरव्यू समाप्त हो चुका है।
सातनपुर मंडी में आयोजित महाकुंभ रैली में मंत्री बघेल का सम्मान समारोह किया गया। आयोजक कुलदीप पाल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने धनगर आरक्षण की लड़ाई लड़ने और शिक्षा पर भी ध्यान देने की बात कही। केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों से उन लोगों के प्रमाण पत्र जारी करने का भी आग्रह किया, जिनके आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। बघेल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी विधायक या सांसद का पद लेने नहीं आए हैं, बल्कि समाज के लोगों से एमएलसी जैसे पद मांगने को कहा। उन्होंने समाज की निर्णायक भूमिका पर भी जोर दिया। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने लोगों से अपने बच्चों की गणित और अंग्रेजी अच्छी करने को कहा। उन्होंने ट्यूशन लगाने की सलाह दी और बताया कि जिन बच्चों की गणित और फिजिक्स अच्छी होती है, वे आईआईटी करते हैं। बघेल ने कहा कि हालांकि वह अंग्रेजी के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन वर्तमान में कंपनियां अंग्रेजी को वरीयता दे रही हैं और अच्छी अंग्रेजी बोलने वालों को एक लाख रुपये प्रति माह तक का वेतन देती हैं।
‘कल्याण सिंह लाए थे नकल-विरोधी अध्यादेश’ केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह नकल-विरोधी अध्यादेश लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम था। मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा-बसपा गठबंधन सरकार के दौरान स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि यदि उनकी सरकार बनेगी तो पहली कैबिनेट बैठक में ही नकल-विरोधी अध्यादेश को समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ नकल को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड की शिक्षा व्यवस्था को उस दौर में भारी नुकसान पहुंचा, जिसका खामियाजा आज भी छात्र भुगत रहे हैं। बघेल ने कहा कि कल्याण सिंह के समय परीक्षा परिणाम 22 प्रतिशत था, लेकिन योग्य विद्यार्थियों को रोजगार मिला। वहीं बाद के वर्षों में परीक्षा परिणाम 82 प्रतिशत तक पहुंच गया, फिर भी बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर अधिक खर्च करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की अपील की।
‘समाजवादी पार्टी में रहते हुए शिक्षा पर भाषण नहीं दिया’ एसपी सिंह बघेल ने कहा कि जब वह समाजवादी पार्टी से सांसद थे, तब उन्होंने शिक्षा पर कभी भाषण नहीं दिया। उनका आरोप था कि उस समय शिक्षा को उतना महत्व नहीं दिया जाता था और नियुक्तियों की प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं थी। मंत्री ने कहा कि यदि आजादी के बाद हुए तीन बड़े कार्यों की बात की जाए तो उनमें सबसे पहले जल जीवन मिशन, दूसरे स्थान पर आयुष्मान भारत योजना और तीसरे स्थान पर नौकरियों में इंटरव्यू समाप्त करने के निर्णय को रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू खत्म होने से युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिले हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कई योग्य अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद इंटरव्यू में बाहर कर दिए जाते थे। उन्होंने दावा किया कि अब बिना भेदभाव के चयन की प्रक्रिया लागू है। मंत्री ने कहा कि लोग अक्सर सड़क, स्कूल, धर्मशाला और चौराहों की मांग करते हैं, लेकिन शिक्षा सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नियमित रूप से प्रतियोगिता दर्पण, हिंदी अखबार और समाचार चैनलों का अध्ययन करे तो बिना इंटरव्यू वाली नौकरी उसके दरवाजे तक पहुंच सकती है।
‘33 वर्षों में पहली बार रविवार को लोकसभा क्षेत्र से बाहर रहा’ मंत्री ने कहा कि पिछले 33 वर्षों में यह पहला रविवार है जब वह अपने लोकसभा क्षेत्र में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर रविवार को वह जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, लेकिन इस बार अहिल्या दरबार में शामिल होने के कारण वह अपने क्षेत्र में नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता से नियमित रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वह हर सप्ताह लगभग 1,000 से 1,200 लोगों से मुलाकात करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी जयंती और सामाजिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता लाने का काम करते हैं। मंत्री ने अपने संबोधन में होल्कर वंश के संस्थापक सूबेदार मल्हार राव होल्कर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी वीरता और पराक्रम के बल पर एक साधारण चरवाहा परिवार से उठकर राजवंश की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए जोखिम उठाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “नो रिस्क, नो गेन; हाई रिस्क, हाई गेन।” यदि व्यक्ति जोखिम लेने से डरता है तो वह जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल नहीं कर सकता।
चुनाव लड़ने से मना करता तो मुख्य अतिथि नहीं होता एसपी सिंह बघेल ने कहा कि उन्हें सैफई परिवार के खिलाफ कई चुनाव लड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि वह चुनाव लड़ने से मना कर देते तो आज इस मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नहीं होते। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए चुनौतियों का सामना करना आवश्यक है। मंत्री ने पाल समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में समाज के युवाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। इसलिए शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सत्ता वह चाबी है जिससे दुनिया के कई ताले खुलते हैं, लेकिन सत्ता तक पहुंचने का सबसे मजबूत माध्यम शिक्षा है। ‘प्रतिनिधि बने रहोगे या ब्लॉक प्रमुख भी बनोगे’ मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान चुटकी लेते हुए कहा कि केवल प्रतिनिधि बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि ब्लॉक प्रमुख, विधायक, सांसद और बड़े पदों तक पहुंचने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा। समाज के लोगों से उन्होंने अपील की कि यदि जरूरत पड़े तो खेत, मकान, जेवर या अन्य संपत्ति बेचकर भी बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। खासकर अंग्रेजी शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले युवाओं को बड़ी कंपनियां बेहतर वेतन पर नौकरी देने के लिए तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता स्वयं कठिनाइयां झेल लें, लेकिन बच्चों को बेहतर शिक्षा अवश्य दिलाएं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद समारोह में सांसद मुकेश राजपूत, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि, भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी सोहनलाल सन्यासी, मनोज अग्रवाल, राहुल पाल तथा पाल महासभा के जिलाध्यक्ष लल्लूराम पाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजक कुलदीप पाल ने सभी अतिथियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन वीर बहादुर पाल एवं मुकेश देशमुख ने किया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शूटर अनिल कुमार पाल और अभिषेक पाल भी अपनी युवा टीम के साथ मौजूद रहे।
सेल्फी लेने की रही होड़ केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यक्रम से लौटते समय उनके साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति यह हो गई कि सुरक्षा कर्मियों को वाहन निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिसे अवसर मिला, उसने मंत्री के साथ सेल्फी ली। मंच पर चढ़ने को लेकर पुलिस ने रोका कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग मंत्री से मिलने के लिए मंच पर जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बाद में मंच पर मौजूद लोगों ने दो व्यक्तियों को ऊपर बुला लिया।
उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar PradeshNews