संग्रहणी रोग क्या है और इसका आयुर्वेदिक इलाज ?
संग्रहणी रोग (श्वेतातिसार) में बिना दर्द के हल्के दस्त आते हैं। आयुर्वेद में इमली की छाल, हल्दी, भांग-शहद मिश्रण और आम के रस जैसे उपचार सुझाए जाते हैं।
भारत के चिकित्सा इतिहास में 3 अगस्त की तारीख एक मील का पत्थर है। आज से कई साल पहले, 1994 में इसी दिन देश के डॉक्टरों ने वह कर दिखाया था, जो तब तक सिर्फ एक सपना लगता था — भारत का पहला सफल हृदय…
संग्रहणी रोग (श्वेतातिसार) में बिना दर्द के हल्के दस्त आते हैं। आयुर्वेद में इमली की छाल, हल्दी, भांग-शहद मिश्रण और आम के रस जैसे उपचार सुझाए जाते हैं।
सीने में जलन, वर्तमान समय में हमें स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिनके लिए वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध होती है.
एड्स बीमारी के बारे में आपने कभी ना कभी जरूर सुना होगा. इसकी वजह से लाखों की संख्या में लोगों को अपनी जाने गंवानी पड़ी हैं.
वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
वर्तमान समय में हमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिए वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध होती है.
पिंडलियों के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज में चंद्रप्रभा वटी, तिल का तेल, हल्दी वाला दूध और सेंधा नमक के पानी में पैर भिगोना शामिल है। इन घरेलू उपचारों से दर्द में राहत मिलती है।
वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिए वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध होती हैं.
शुगर के मरीजों में कमजोरी आम समस्या है। अलसी के बीज, पत्तेदार सब्जियां, लहसुन और अंडे जैसी घरेलू चीजें ताकत बढ़ाने और रक्त शर्करा नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।