तमिलनाडु: चेंगलपट्टू में डेंगू की आशंका, कई बच्चे अस्पताल में भर्ती, स्थानीय लोगों ने की खास अपील
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले की कीरापक्कम पंचायत में डेंगू फैलने की आशंका से चिंता का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विनायगपुरम इलाके में बुखार से पीड़ित कई बच्चों को गुडुवांचेरी…
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले की कीरापक्कम पंचायत में डेंगू फैलने की आशंका से चिंता का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विनायगपुरम इलाके में बुखार से पीड़ित कई बच्चों को गुडुवांचेरी और चेंगलपट्टू के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिससे माता-पिता और स्थानीय निवासी घबराए हुए हैं।
हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर डेंगू से पीड़ित बच्चों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में बच्चों में बुखार और मच्छर जनित बीमारियों से जुड़े अन्य लक्षण तेजी से बढ़े हैं। उनका दावा है कि यह समस्या सिर्फ बच्चों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई वयस्क भी बुखार, तेज सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
लोगों में संक्रमण के और फैलने का डर है, जिसके चलते उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। निवासियों ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य विभाग और कीरापक्कम पंचायत प्रशासन से मिलकर काम करने का आग्रह किया है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- मेडिकल कैंप: विनायगपुरम में तत्काल मेडिकल कैंप लगाए जाएं ताकि लक्षणों वाले लोगों की जांच हो सके।
- मच्छर नियंत्रण: फॉगिंग और जमा पानी को हटाने जैसे मच्छर नियंत्रण अभियान तुरंत शुरू किए जाएं।
- जागरूकता अभियान: घर-घर जाकर मच्छरों के पनपने की जगहों की पहचान की जाए और डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाई जाए।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं, टेस्टिंग किट और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
माता-पिता ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर विशेष चिंता व्यक्त की है और इलाके में स्वास्थ्य की कड़ी निगरानी की मांग की है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि वे इस स्थिति को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता समझें और नियमित सफाई अभियान चलाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बुखार, सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
इनपुट: IANS



