शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

राजकोट में मच्छरों पर ड्रोन और AI का 'वार', हज़ारों ठिकानों की पहचान कर छिड़काव

गुजरात के राजकोट में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राजकोट नगर निगम (RMC) ने मच्छरों के पनपने वाले…

राजकोट में मच्छरों पर ड्रोन और AI का 'वार', हज़ारों ठिकानों की पहचान कर छिड़काव
(फोटो: IANS)

गुजरात के राजकोट में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राजकोट नगर निगम (RMC) ने मच्छरों के पनपने वाले संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है।

विज्ञापन

इस हाई-टेक अभियान के तहत, शहर के 59.39 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया। ड्रोन और एआई की मदद से मच्छरों के पनपने की 4,731 संभावित जगहों की सटीक पहचान की गई। यह सर्वेक्षण विशेष रूप से उन वार्डों में केंद्रित था जहाँ बीमारियाँ फैलने का खतरा ज़्यादा था, जिनमें वार्ड संख्या 11, 18, 3, 4 और 13 शामिल हैं। यह सर्वे किया गया इलाका नगर निगम के कुल 161.85 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का एक हिस्सा है।

तकनीक और पारंपरिक तरीकों का संगम

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा उन जगहों पर हो रहा है जहाँ पहुँचना मुश्किल या जोखिम भरा होता है, जैसे नालियां, पानी जमा होने वाले गड्ढे और नदी के तल। ड्रोन के ज़रिए इन जगहों पर कुल 40 घंटे और नौ मिनट तक कीटनाशक का छिड़काव किया गया। ड्रोन सर्वे से मिली जानकारी को तुरंत संबंधित वार्डों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की टीमों के साथ साझा किया जाता है, ताकि वे ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई कर सकें।

शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पहचानी गई जगहों में से 1,340 पर फील्ड स्टाफ ने कीटनाशकों का छिड़काव किया और मच्छरों के पनपने के स्रोतों को नष्ट किया। इसके साथ ही, 17 से 23 सितंबर के बीच पारंपरिक कीट नियंत्रण उपाय भी जारी रहे। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने 1,50,172 घरों में लार्वा-रोधी गतिविधियाँ चलाईं और 933 घरों में फॉगिंग की।

व्यापक निरीक्षण और जन-जागरूकता

नगर निगम ने सिर्फ रिहायशी इलाकों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। स्वास्थ्य विभाग ने 409 गैर-आवासीय परिसरों का भी निरीक्षण किया, जिनमें निर्माण स्थल, स्कूल, अस्पताल, होटल और सरकारी कार्यालय शामिल थे। नियमों का उल्लंघन करने पर रिहायशी क्षेत्रों में 312 और व्यावसायिक परिसरों में 92 लोगों को नोटिस जारी किए गए और प्रशासनिक शुल्क भी वसूला गया।

इसके अलावा, जल-जनित बीमारियों की निगरानी के लिए 17 से 23 सितंबर के बीच लगभग 3,04,556 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान 6,559 क्लोरीन टैबलेट और 743 ओआरएस पैकेट बांटे गए। RMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें।

इनपुट: IANS

N

News4Social हेल्थ डेस्क

News4Social हेल्थ डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →