बिहार: मानसून की वापसी से पहले 19 जिलों में येलो अलर्ट, कोसी में उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ा
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने सामान्य जन-जीवन को प्रभावित किया है…
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने सामान्य जन-जीवन को प्रभावित किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रदेश के 19 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना सहित करीब 11 जिलों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के कारण तापमान में तत्काल कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके थमने के बाद पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
जान-माल का नुकसान और यातायात प्रभावित
खराब मौसम के कारण राज्य में जान-माल का नुकसान भी हुआ है। समस्तीपुर में गुरुवार को तेज आंधी के दौरान एक पेड़ गिरने से दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। इसी तरह, बांका में बुधवार रात भारी बारिश के चलते एक जर्जर दीवार ढह गई, जिसके मलबे में दबकर एक महिला की जान चली गई। वहीं, पटना में पांडारक थाना क्षेत्र के दरगाही टोला के पास एनएच-31 पर एक विशाल इमली का पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। प्रशासन ने लोगों से आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही रहने की अपील की है।
कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका
नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी पड़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कोसी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने कोसी बेसिन से जुड़े अपने इंजीनियरों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
सहरसा जिले के नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ ब्लॉक की लगभग 35 पंचायतों को विशेष रूप से संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। अधिकारियों ने तटबंधों के भीतर रहने वाले लोगों और नाविकों को निर्देश दिया है कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो वे तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
इनपुट: IANS



