पंजाब: पराली जलाने पर प्रशासन का शिकंजा, अब तक 84 मामले दर्ज, ₹1.40 लाख का जुर्माना
पंजाब में धान की कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के कुल 84 मामले सामने आए…
पंजाब में धान की कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के कुल 84 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संबंधित किसानों पर जुर्माना लगाने से लेकर FIR दर्ज करने तक की कार्रवाई की गई है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रिपोर्ट किए गए 84 मामलों में से 78 खेतों का भौतिक निरीक्षण किया गया। जांच में 30 जगहों पर पराली जलाए जाने की पुष्टि हुई। इन पुष्टि हुए मामलों के आधार पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अब तक 28 मामलों में किसानों पर कुल 1.40 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है, जिसमें से 55,000 रुपये की वसूली भी कर ली गई है।
किस जिले में कितनी कार्रवाई?
अमृतसर इस मामले में सबसे आगे है, जहां पराली जलाने की सर्वाधिक 49 घटनाएं दर्ज की गईं। अधिकारियों ने 45 खेतों का निरीक्षण किया और 13 मामलों में आग लगाने की पुष्टि की। यहां 11 किसानों पर 55,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 35,000 रुपये वसूले जा चुके हैं। इसके अलावा, जिले में 32 किसानों को चेतावनी नोटिस भी जारी किए गए हैं।
दूसरे स्थान पर तरनतारन जिला है, जहां 18 घटनाएं सामने आईं। यहां 16 खेतों के निरीक्षण के बाद 9 मामलों में पराली जलाने की पुष्टि हुई। इन 9 मामलों में 45,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 10,000 रुपये वसूल हुए हैं। साथ ही, 9 किसानों के फार्म रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' भी की गई है।
इसी तरह फिरोजपुर में दर्ज 5 मामलों की जांच में सभी सही पाए गए। यहां 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और 5,000 रुपये वसूले गए। वहीं, पटियाला में 2 मामले सामने आए और दोनों की पुष्टि हुई, जिसके बाद 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पटियाला में एक मामले में FIR भी दर्ज की गई है।
जुर्माने के अलावा अन्य कदम
रिपोर्ट के अनुसार, जुर्माने के अलावा प्रशासन अन्य कड़े कदम भी उठा रहा है। अब तक कुल 13 मामलों में किसानों के रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' की जा चुकी है और 36 मामलों में नोडल अधिकारियों ने चेतावनी या कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। पूरे राज्य में अब तक एक FIR दर्ज की गई है।
इनपुट: IANS



