भारतीय बाज़ार में तेज़ी: वैश्विक संकेतों के दम पर सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले, निजी बैंकों के शेयर चमके
मज़बूत वैश्विक संकेतों के सहारे भारतीय शेयर बाज़ारों ने मंगलवार को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह के सत्र में निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में सबसे…
मज़बूत वैश्विक संकेतों के सहारे भारतीय शेयर बाज़ारों ने मंगलवार को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह के सत्र में निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में सबसे ज़्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाज़ार को मज़बूती मिली। सुबह 9:27 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 129 अंक (0.18%) उछलकर 72,512 पर पहुँच गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 43 अंक (0.19%) की बढ़त के साथ 22,599 पर कारोबार कर रहा था।
बाज़ार की इस शुरुआती तेज़ी में बड़े शेयरों (लार्जकैप) के साथ-साथ मझोले (मिडकैप) और छोटे (स्मॉलकैप) शेयरों ने भी बराबर का साथ दिया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 212 अंक (0.46%) चढ़कर 59,959 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 117 अंक (0.62%) की मज़बूती के साथ 19,267 पर था।
किन सेक्टर में रही रौनक, कहाँ सुस्ती?
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने बाज़ार को सबसे ज़्यादा सहारा दिया। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स लगभग 1% की तेज़ी के साथ टॉप गेनर रहा। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और रियल्टी जैसे सेक्टर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
इसके विपरीत, कुछ सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी, फार्मा, ऑटो, हेल्थकेयर और सरकारी बैंकों (PSU बैंक) के सूचकांक लाल निशान में थे, जो इन क्षेत्रों के शेयरों में गिरावट का संकेत है।
चढ़ने और गिरने वाले प्रमुख शेयर
सेंसेक्स में सबसे ज़्यादा फ़ायदा पाने वाले शेयरों में ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, HUL, इंडिगो, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील शामिल थे। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा, M&M, इन्फोसिस, सनफार्मा, ITC और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की राय और विदेशी बाज़ारों का हाल
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.3% के करीब बने रहना बाज़ार के लिए एक चुनौती है। इस वजह से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बिकवाली जारी रख सकते हैं, जिससे बाज़ार में 'रैली पर बिकवाली' का माहौल बन सकता है। इसका मतलब है कि हर बड़ी तेज़ी पर FII लार्ज-कैप शेयर बेच सकते हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) फंड का प्रवाह मज़बूत होने के कारण खरीदारी जारी रखेंगे।
अगर वैश्विक स्तर पर देखें तो ज़्यादातर एशियाई बाज़ारों में भी तेज़ी का रुख था। टोक्यो, हांगकांग और जकार्ता के बाज़ार हरे निशान में थे। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स में 0.18% और नैस्डैक में 1.05% की तेज़ी दर्ज की गई थी।
इनपुट: IANS



