मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

चेन्नई को रेबीज़-मुक्त बनाने की बड़ी पहल, 75 दिनों में 2 लाख आवारा कुत्तों को टीके लगाने का लक्ष्य

चेन्नई को जानलेवा रेबीज़ से पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लक्ष्य के साथ, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन मंगलवार से एक व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस…

चेन्नई को रेबीज़-मुक्त बनाने की बड़ी पहल, 75 दिनों में 2 लाख आवारा कुत्तों को टीके लगाने का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

चेन्नई को जानलेवा रेबीज़ से पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लक्ष्य के साथ, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन मंगलवार से एक व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 75-दिवसीय अभियान का उद्देश्य शहर के लगभग दो लाख आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लगाना है। यह पिछले साल चलाए गए सफल कार्यक्रम का ही विस्तार है, जिसमें इस बार लक्ष्य को और बड़ा रखा गया है।

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इस अभियान के तहत, शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से कुत्तों को पकड़कर उन्हें टीके लगाए जाएँगे। टीकाकरण के अलावा, उन्हें अंदरूनी और बाहरी परजीवियों से बचाने के लिए कृमिनाशक (डीवॉर्मिंग) दवा भी दी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पहचान के लिए उन पर पेंट का एक निशान लगाकर उन्हें उसी इलाके में वापस छोड़ दिया जाएगा, जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था।

अभियान का पैमाना और योजना

इस बड़े काम को अंजाम देने के लिए कॉर्पोरेशन ने 30 विशेष टीमें तैनात की हैं। इनकी योजना हर दिन करीब 3,000 आवारा कुत्तों का टीकाकरण करने की है। अभियान की शुरुआत जोन 1, 2 और 4 से होगी और फिर इसे चरणबद्ध तरीके से ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सभी जोनों में लागू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा कुत्तों को कवर किया जा सके।

पिछले साल भी निकाय ने ऐसा ही एक अभियान चलाया था, जिसमें 1,47,545 आवारा कुत्तों को टीके और डीवॉर्मिंग की दवा दी गई थी। इस साल लगभग दो लाख कुत्तों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।

पालतू जानवरों के लिए भी सुविधा

इस साल के अभियान में एक खास बात यह भी है कि पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए भी मुफ्त एंटी-रेबीज़ टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। कॉर्पोरेशन ने पालतू जानवरों के मालिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने पालतू जानवरों को इस घातक वायरल बीमारी से सुरक्षित करें। इस पहल में तमिलनाडु पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ-साथ वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विस के पशु चिकित्सक और प्रशिक्षु भी सहयोग कर रहे हैं।

प्रशासन ने शहर के निवासियों, पशु प्रेमियों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे इस अभियान के दौरान पशु चिकित्सा टीमों का सहयोग करें, ताकि चेन्नई को इंसानों और जानवरों दोनों के लिए एक सुरक्षित शहर बनाया जा सके।

इनपुट: IANS

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