Bihar: गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज के अगले दिन मिला शव, परिजन को बिन बताए पुलिस ने कर दिया दाह संस्कार; भड़का रोष h3>
मुजफ्फरपुर जिले में 15 जनवरी से लापता एक फास्ट फूड दुकानदार का शव अगले दिन रेल लाइन किनारे बरामद होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार करा दिया। परिजनों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी उन्हें नहीं दी गई।
परिजनों को बिना बताए हुआ अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार मृतक की पहचान सकरा थाना क्षेत्र के मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो मनियारी थाना क्षेत्र के मारकण चौक के पास फास्ट फूड की दुकान चलाता था। मनीष 15 जनवरी को बीमार मां के लिए दवा लेने बाजार गया था। दुकान खुली थी और ऑनलाइन भुगतान भी आया था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटने पर खोजबीन शुरू की गई। अगले दिन रेल लाइन पर एक युवक का शव मिलने की सूचना आई, जिसे पुलिस ने अज्ञात बताकर पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार कर दिया।
सड़क जाम कर जताया गया विरोध
घटना की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर एनएच-28 को मारकण चौक के पास जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी कर विरोध जताया और वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
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पूरे मामले पर डीएसपी पूर्वी टू मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सकरा थाना में युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी। इसके अगले दिन 16 जनवरी को मनियारी थाना क्षेत्र में रेल लाइन किनारे एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम के 72 घंटे बाद दाह संस्कार कराया गया। परिजनों के बयान के आधार पर कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी चर्चा का विषय है कि अज्ञात शव मिलने की सूचना जिले के अन्य थानों से साझा की गई थी या नहीं, और गुमशुदगी के मामले से जोड़कर पहचान कराने का प्रयास क्यों नहीं किया गया। परिजन न्याय और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।




