जालंधर में धर्म परिवर्तन विवाद गहराया: पीड़ित परिवार ने कमीशन से लगाई गुहार, पुलिस को 7 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश – Jalandhar News h3>
जालंधर के वेस्ट हलके की मिट्ठू बस्ती (गुरु अर्जुन नगर) में धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार ने माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन जितेंद्र गौरव मसीह से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई और आरोप लगाया कि उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेयरमैन ने पुलिस की ढीली कार्रवाई पर सख्त नाराजगी जताई और एसीपी आतिश भाटिया को निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। वहीं पुलिस ने स्थिति को संभालने और सच्चाई का पता लगाने के लिए 7 दिन का समय मांगा है। यह पूरा विवाद 1 जून को उस समय शुरू हुआ, जब गुरु अर्जुन नगर के निवासियों ने एक स्थानीय निवासी गुरदयाल सिंह के घर पर होशियारपुर (गढ़शंकर) से आई कुछ महिलाओं द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए। इसके बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। ईसाई समुदाय का कहना था कि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके विरोध में उन्होंने 10 जून को सड़कें जाम करने का ऐलान भी किया था। मामले को रफा-दफा करने के लिए बन रहा दवाब इसी बीच, पीड़ित परिवार अपनी शिकायत लेकर पंजाब माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन जितेंद्र गौरव मसीह के पास पहुंचा। परिवार ने चेयरमैन को बताया कि उन पर मामले को रफा-दफा करने और समझौता करने के लिए लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कमीशन के समक्ष इस मामले को लेकर एसीपी आतिश भाटिया पेश हुए। एसीपी ने चेयरमैन को बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, गढ़शंकर से आई महिलाओं द्वारा घर में धर्म परिवर्तन कराए जाने की बात पूरी तरह सही नहीं है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा इलाके का माहौल खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर गलत सूचना (अफवाह) फैलाई गई थी। सुनवाई के दौरान माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन जितेंद्र गौरव मसीह ने स्थानीय थाना प्रभारी (एसएचओ) की ढीली कार्यप्रणाली पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो कमीशन खुद कड़े कदम उठाएगा। चेयरमैन ने पुलिस को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियों के मामले में तुरंत एक्शन लिया जाए। एसीपी आतिश भाटिया ने कमीशन को किया आश्वस्त एसीपी आतिश भाटिया ने कमीशन को आश्वस्त किया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो और माहौल शांत बना रहे, इसलिए दोनों पक्षों को तुरंत मौके से हटाकर थाने ले जाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने कानून का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि भारत के संविधान के तहत यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो यह उसका निजी अधिकार है। हालांकि, जबरन धर्म परिवर्तन या अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसीपी ने चेयरमैन से आग्रह किया कि इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए पुलिस को 7 दिन का समय दिया जाए, जिसके बाद पूरी रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।
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