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संतोष मिश्रा उर्फ जमील खान से खास बातचीत: ‘गुल्लक’ की सफलता का राज है इसकी सच्चाई; पांचवें सीजन में दर्शकों का प्यार देख बढ़ाए एपिसोड

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संतोष मिश्रा उर्फ जमील खान से खास बातचीत:  ‘गुल्लक’ की सफलता का राज है इसकी सच्चाई; पांचवें सीजन में दर्शकों का प्यार देख बढ़ाए एपिसोड


संतोष मिश्रा उर्फ जमील खान से खास बातचीत: ‘गुल्लक’ की सफलता का राज है इसकी सच्चाई; पांचवें सीजन में दर्शकों का प्यार देख बढ़ाए एपिसोड



जमील खान इन दिनों ‘गुल्लक 5’ को लेकर चर्चा में हैं। वे इस सीरीज में एक बार फिर संतोष मिश्रा के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘गुल्लक’ और अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर कई बातें साझा कीं। ‘गुल्लक 5’ आ गया है, इस उपलब्धि को किस तरह से देखते हैं? यह ओटीटी का पहला शो है, जिसका पांचवां सीजन आ रहा है। ऊपरवाले की कृपा है। ऊपरवाले से यही दुआ करूंगा कि पांचवां क्या, यह सीजन-दर-सीजन आता रहे और दर्शकों का मनोरंजन करता रहे। इसे लेकर हम लोग बहुत ज्यादा एक्साइटेड हैं। आशा है कि इस बार भी उतना ही प्यार मिले। जितना पहले सफल रहा है, उससे भी ज्यादा सफल शो साबित हो। ‘गुल्लक’ की जिस वजह से पहचान बनी है, वे सारी चीजें इसमें भी हैं। 2019 से अब तक ‘गुल्लक’ के लय को कैसे पकड़कर रखते आए हैं? देखिए, हम प्रोफेशनल एक्टर हैं। यह कोई मुश्किल काम नहीं है। बाकी जब सीजन शुरू होने वाला होता है, तब स्क्रिप्ट हमारे पास आ जाती है। हम सब मिल-जुलकर वर्कशाप और रीडिंग करते हैं, जिसके अंतर्गत वह सुर बिठाने की कोशिश करते हैं। फ्लोर पर जाने से पहले वह सुर बिठा ही लेते हैं। आपके अनुसार किसी शो को सफल बनाने का मूलमंत्र क्या होता है? मुझे लगता है कि अपने काम को लेकर एक सच्चाई होनी चाहिए। इसके साथ यह जज्बा भी होना चाहिए कि हमारे पास जो चीज है, वह किसी और के पास नहीं है। हमने जो बनाया है, उसे हमें बरकरार रखना है। बहुत बार ऐसा होता है कि पैसों या कोताही के चक्कर में चीजें डगमगा जाती हैं। मेरे खयाल में चाहे हम एक्टर्स हों, टीवीएफ हो या सोनी लिव, अगर हम तीनों अलग-अलग गुट पकड़ लें, तब भी तीनों के अंदर वह जज्बा है कि नहीं भई, इसको डगमगाने नहीं देंगे। हम उतने ही पैशन, लगन और डेडिकेशन के साथ काम करते हैं। हम इसे किसी भी कीमत पर बिखरने नहीं देंगे। हम तीनों इसमें पूरी मेहनत झोंक देते हैं और कहीं से कोई कमी नहीं छोड़ते। कभी-कभी हमारे फैसले, हमारी पसंद-नापसंद या चीजों को देखने-समझने का हमारा नजरिया गलत भी हो सकता है। हमें लगता है कि यह किस्सा, यह संवाद या यह चीज कमाल की है, लेकिन हो सकता है कि वह दर्शकों को उतनी पसंद न आए। पांचवें सीजन में सात एपिसोड आने की वजह क्या रही? सात एपिसोड आने की वजह इसकी लोकप्रियता है। हालांकि मुझसे पूछा जाए, तब पांच एपिसोड भी काफी रहते हैं। इससे लोगों में उत्सुकता बनी रहती है। उस अहसास के साथ ऑडियंस को छोड़ना ज्यादा अच्छा लगता है। हालांकि सात एपिसोड भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। सीजन-5 है, इसलिए क्रिएटर्स को लगता होगा कि इतने सालों से दर्शक ज्यादा एपिसोड की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें थोड़ा और दिया जाए। मुझे लगता है कि लोगों की इतनी मोहब्बत है कि वे सात नहीं, दस एपिसोड भी मांग सकते हैं। शो की सफलता पेशेवर जिंदगी में किस तरह का बदलाव लाई? जाहिर है कि सफलता बहुत मीठी होती है और जिंदगी में अच्छे बदलाव लाती है। मेरे लिए इस शो की सबसे बड़ी नियामत यह है कि ऑडियंस से खूब मोहब्बत मिलती है। मुझे आज तक पब्लिक का इतना प्रेम कभी नहीं मिला। हां, मैंने जो काम किया है, उससे शौहरत मिली है।

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