अब देश सेवा और पढ़ाई साथ-साथ: ड्यूटी पर तैनात फौजी-कर्मचारियों को घर बैठे डिग्री देगा CSJMU; फीस में 50% तक छूट – Kanpur News h3>
दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर9 मिनट पहले
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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने देश की सीमाओं पर तैनात जवानों से लेकर फैक्ट्रियों, रेलवे, बैंक और प्राइवेट सेक्टर में शिफ्ट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों तक के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। यूनिवर्सिटी का ‘द्रोणाचार्य सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन (D-CODE)’ अब ऐसे कर्मयोगियों को घर बैठे पढ़ाई कर डिग्री हासिल करने का मौका देगा, जिससे नौकरी के साथ अधूरी रह गई शिक्षा का सपना पूरा हो सकेगा।
इस पहल के तहत न सिर्फ ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई आसान होगी, बल्कि सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों को फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। यूनिवर्सिटी ने इसे राष्ट्र निर्माण और समान शिक्षा अवसर की दिशा में अहम कदम बताया है।
ड्यूटी के साथ अब पढ़ाई भी आसान
अक्सर ट्रांसफर, नाइट शिफ्ट और लगातार ड्यूटी की वजह से कई कर्मचारी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। ऐसे में D-CODE उनके लिए बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है, जहां वे अपनी नौकरी जारी रखते हुए ऑनलाइन और डिस्टेंस मोड से पढ़ाई कर सकेंगे।
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फौजियों और परिवारों को 50% फीस छूट
यूनिवर्सिटी ने सैन्य कर्मियों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों के लिए 50 प्रतिशत तक फीस में छूट देने का निर्णय लिया है। इसे देश सेवा करने वाले परिवारों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना से जोड़ा जा रहा है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई शिक्षा से वंचित न रहे।
591 जवान पहले से जुड़े, बढ़ रहा दायरा
फतेहगढ़ स्थित सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर के 591 जवान पहले ही D-CODE के विभिन्न कोर्सेज में दाखिला ले चुके हैं। यह संख्या दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर देश के जवान भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने को तैयार हैं।
नए जमाने के कोर्स भी होंगे शामिल
D-CODE के तहत आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, वेब डेवलपमेंट और ड्रोन ट्रेनिंग जैसे आधुनिक कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इससे छात्रों और कर्मचारियों को डिग्री के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल भी हासिल होंगे।
‘राष्ट्र निर्माण शिक्षा से भी मजबूत होता है’
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल शिक्षा कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के सपनों को पूरा करने का माध्यम है, जिन्होंने देश और काम को हमेशा प्राथमिकता दी है। अब उनके लिए पढ़ाई और नौकरी साथ-साथ चल सकेंगे।
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दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर9 मिनट पहले
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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने देश की सीमाओं पर तैनात जवानों से लेकर फैक्ट्रियों, रेलवे, बैंक और प्राइवेट सेक्टर में शिफ्ट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों तक के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। यूनिवर्सिटी का ‘द्रोणाचार्य सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन (D-CODE)’ अब ऐसे कर्मयोगियों को घर बैठे पढ़ाई कर डिग्री हासिल करने का मौका देगा, जिससे नौकरी के साथ अधूरी रह गई शिक्षा का सपना पूरा हो सकेगा।
इस पहल के तहत न सिर्फ ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई आसान होगी, बल्कि सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों को फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। यूनिवर्सिटी ने इसे राष्ट्र निर्माण और समान शिक्षा अवसर की दिशा में अहम कदम बताया है।
ड्यूटी के साथ अब पढ़ाई भी आसान
अक्सर ट्रांसफर, नाइट शिफ्ट और लगातार ड्यूटी की वजह से कई कर्मचारी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। ऐसे में D-CODE उनके लिए बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है, जहां वे अपनी नौकरी जारी रखते हुए ऑनलाइन और डिस्टेंस मोड से पढ़ाई कर सकेंगे।
फौजियों और परिवारों को 50% फीस छूट
यूनिवर्सिटी ने सैन्य कर्मियों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों के लिए 50 प्रतिशत तक फीस में छूट देने का निर्णय लिया है। इसे देश सेवा करने वाले परिवारों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना से जोड़ा जा रहा है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई शिक्षा से वंचित न रहे।
591 जवान पहले से जुड़े, बढ़ रहा दायरा
फतेहगढ़ स्थित सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर के 591 जवान पहले ही D-CODE के विभिन्न कोर्सेज में दाखिला ले चुके हैं। यह संख्या दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर देश के जवान भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने को तैयार हैं।
नए जमाने के कोर्स भी होंगे शामिल
D-CODE के तहत आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, वेब डेवलपमेंट और ड्रोन ट्रेनिंग जैसे आधुनिक कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इससे छात्रों और कर्मचारियों को डिग्री के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल भी हासिल होंगे।
‘राष्ट्र निर्माण शिक्षा से भी मजबूत होता है’
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल शिक्षा कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के सपनों को पूरा करने का माध्यम है, जिन्होंने देश और काम को हमेशा प्राथमिकता दी है। अब उनके लिए पढ़ाई और नौकरी साथ-साथ चल सकेंगे।



