सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों की पहचान की गई

नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शन में कई तोड़फोड़ किए गए और जिसमें कई सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाया गया. ऐसा नहीं है कि केवल सरकारी सम्पति को ही बर्बाद नहीं किया, बल्कि कुछ लोगों की जाने गई और कुछ आम लोगों को भी इसका सामना करना पड़ा है. हालांकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों की पहचान कर ली गई है.

उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि लखनऊ, मेरठ, संभल, रामपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, कानपुर, मऊ और बुलंदशहर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों की पहचान की जा चुकी है. ये घटनाएं हाल में ही नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हुई थीं.

जिसमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया था कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों से ही इसकी पेनाल्टी से वसूली जाएगी. यूपी पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाकर, उन्हें वसूली देने का नोटिस भेजा जा रहा है जुर्माना नहीं चुकाने पर उनकी सम्पत्ति को जब्त करने की बात हो रही है.

फिलहाल पुलिस का कहना है कि 19 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने उत्पातियों को सीसीटीवी फुटेज के द्वारा पहचान लिया है. इसी के आधार पर उन पर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. वहीं लखनऊ में हुई हिंसा के मामले में पकड़े गए आधा दर्जन से ज्यादा लोगों का पश्चिम बंगाल से कनेक्शन है. लखनऊ में हिंसा के दौरान इन्हें बंगाल से बुलाया गया था.

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जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है और शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है. राज्य के आठ जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है. अभी तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी गईं.