NCW कार्यशाला में भाषा विवाद: हिंदी थोपने के आरोप पर केरल के विधायकों ने किया वॉकआउट, मुख्यमंत्री ने की निंदा
हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की एक कार्यशाला में भाषा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केरल से आईं महिला विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हिंदी के कथित इस्तेमाल और अनुवाद…
हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की एक कार्यशाला में भाषा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केरल से आईं महिला विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हिंदी के कथित इस्तेमाल और अनुवाद की सुविधा न होने का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम से वॉकआउट कर दिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सतीशन ने इस व्यवहार को "बेहद निंदनीय" बताया। उन्होंने लिखा, "राष्ट्रीय सम्मेलन में हिंदी थोपना और गैर-हिंदी भाषी राज्यों के प्रतिनिधियों को डराना हमारे संवैधानिक समझौते की जड़ पर हमला है।"
भाषाई विविधता और संवैधानिक मूल्य
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में भारत की भाषाई विविधता पर जोर देते हुए कहा कि देश के संस्थापकों ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जिसकी ताकत एकरूपता से नहीं, बल्कि विविधता में एकता से आती है। उनके अनुसार, "एक ऐसा संघ जहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और पहचान राष्ट्रीय ताने-बाने को कमजोर नहीं, बल्कि समृद्ध करती हैं।"
सतीशन ने आगे कहा कि भारत विविध भाषाई परंपराओं का एक संघ है, न कि कोई एकल इकाई। उन्होंने भाषाई थोपने के बजाय आपसी सम्मान और संवैधानिक समानता को राष्ट्रीय मंचों का आधार बताया। उन्होंने कहा, "हमारी विविधता भारतीय एकता के लिए चुनौती नहीं है बल्कि यही इसकी नींव है।"
कांग्रेस ने भी उठाए थे NCW पर सवाल
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले कांग्रेस पार्टी ने भी महिला आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए थे। 8 सितंबर को कांग्रेस ने केरल सरकार की मंत्री बिंदु कृष्णा का एक वीडियो साझा करते हुए महिला आरक्षण कानून को लागू करने में एनसीडब्ल्यू की भूमिका के बारे में पूछा था। कांग्रेस ने कहा था कि राष्ट्रीय महिला आयोग को भाजपा का प्रॉक्सी बनने के बजाय पूरे भारत की महिलाओं के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। बिंदु कृष्णा केरल में महिला एवं बाल विकास, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री हैं।
इनपुट: IANS



