अमेरिकी वीज़ा: अब पत्रकारों और पेशेवरों के सोशल मीडिया खातों की भी होगी सार्वजनिक जाँच
अमेरिका जाने वाले वीज़ा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की जाँच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। अब विदेशी पत्रकारों और कुछ अन्य पेशेवरों को भी वीज़ा प्रक्रिया के तहत अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक…
अमेरिका जाने वाले वीज़ा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की जाँच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। अब विदेशी पत्रकारों और कुछ अन्य पेशेवरों को भी वीज़ा प्रक्रिया के तहत अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक करना होगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने यह नियम बुधवार से लागू कर दिया है, जिसकी घोषणा पिछले महीने की गई थी।
इस नई व्यवस्था का सीधा असर उन विदेशी पत्रकारों पर पड़ेगा जो अपने काम के सिलसिले में अमेरिका की यात्रा करते हैं। उन्हें अब 'आई-वीज़ा' (I-visa) के लिए आवेदन करते समय अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग को 'पब्लिक' या 'ओपन' पर रखना होगा। यह नियम एच-1बी अस्थायी कर्मचारियों, विदेशी छात्रों और कई अन्य वीज़ा श्रेणियों पर पहले से ही लागू कड़े जाँच मानकों का विस्तार है।
कौन-कौन सी वीज़ा श्रेणियाँ हैं दायरे में?
यह नियम उन कई वीज़ा श्रेणियों को प्रभावित करता है जिनका भारतीय नागरिक बड़े पैमाने पर अमेरिका जाने, पढ़ने या काम करने के लिए उपयोग करते हैं। स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह ऑनलाइन जाँच एच-1बी कर्मचारियों, उनके एच-4 आश्रितों और एच-3 प्रशिक्षुओं पर पहले से लागू है।
इसके अलावा, एफ-1 और एम-1 छात्र और उनके एफ-2 व एम-2 आश्रित, जे-1 और जे-2 एक्सचेंज विज़िटर, कुछ राजनयिक और आधिकारिक वीज़ा, धार्मिक कार्यकर्ता, अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भाग लेने वाले और मंगेतर वीज़ा (fiancé visa) धारक भी इस जाँच के दायरे में आते हैं।
जाँच का उद्देश्य और प्रक्रिया
स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक, वीज़ा आवेदकों की स्क्रीनिंग के दौरान हर उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया जाता है कि वे देश में प्रवेश के योग्य हैं या नहीं। विभाग ने कहा, "हम उन आवेदकों की पहचान करने के लिए सूचना के हर उपलब्ध स्रोत का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें शायद यूनाइटेड स्टेट्स में आने की इजाजत न मिले, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।"
हालांकि, विभाग ने यह नहीं बताया है कि सोशल मीडिया की गतिविधियों का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा या किस तरह की पोस्ट वीज़ा के फैसले पर असर डाल सकती है। लेकिन प्रोफाइल के सार्वजनिक होने से कॉन्सुलर अधिकारियों को आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी को जाँचने में अधिक मदद मिलेगी। विभाग ने जोर देकर कहा कि हर वीज़ा का फैसला "असल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला होता है" और अमेरिकी वीज़ा मिलना "सरकार की मर्जी से मिलने वाला एक विशेषाधिकार है, न कि कोई अधिकार।"
इनपुट: IANS



