राजस्थान कांग्रेस में कलह: विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए, डोटासरा से बढ़ा विवाद
राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है, जहाँ पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी छोड़ने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम उनके और प्रदेश…
राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है, जहाँ पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी छोड़ने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम उनके और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच बढ़ते टकराव का नतीजा है। विश्वेंद्र सिंह ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "घुट-घुटकर मरने से सम्मान के साथ मरना बेहतर है।"
सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनका सार्वजनिक जीवन एक 'खुली किताब' की तरह है और उन्होंने अपने सम्मान से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पूर्वजों के सिद्धांतों पर चलते हुए अब विदाई लेना ही उचित समझते हैं, क्योंकि वे डोटासरा की नीतियों और कार्यशैली के साथ खुद को नहीं जोड़ सकते।
विवाद की जड़ और आरोप-प्रत्यारोप
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब 30 सितंबर को विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह डोटासरा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते हुए रीट परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने 2016 और 2018 की भर्ती परीक्षाओं का हवाला देते हुए डोटासरा के परिवार के सदस्यों को आरएएस इंटरव्यू में मिले अंकों पर भी सवाल उठाए। सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इन मामलों की जाँच की माँग की है।
इसके अलावा, भरतपुर और डीग के शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस को बहुमत न मिलने पर भी सिंह ने पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी और इसके लिए सीधे तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा, भरतपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सुपा और डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था।
डोटासरा और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
विश्वेंद्र सिंह के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को कहा था कि वह केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर कोई फैसला नहीं लेंगे। उन्होंने सिंह को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा था कि उनकी चिंताओं को सुना जाएगा और जिलाध्यक्षों से भी चर्चा की जाएगी। डोटासरा ने यह भी स्वीकार किया कि संगठनात्मक मामलों को लेकर पिछले ढाई साल से उनके और सिंह के बीच संवाद नहीं हुआ है।
वहीं, पार्टी के अन्य नेताओं ने सिंह पर निशाना साधा है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने उन पर भाजपा के लिए ‘स्लीपर सेल’ की तरह काम करने का आरोप लगाया, जबकि प्रदेश महासचिव देशराज मीणा ने कहा कि सिंह भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले ही संकेत
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब खबरें आ रही थीं कि डोटासरा के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर राजस्थान कांग्रेस विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है। हालाँकि, पार्टी द्वारा कोई औपचारिक कार्रवाई किए जाने से पहले ही सिंह ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में उन्होंने अभी कोई घोषणा नहीं की है।
इनपुट: IANS



