शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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फ्लाईदुबई के बहादुर पायलट स्मिथ मच्छर के लिए वीरता पुरस्कार की मांग, पीएमओ को लिखा गया पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रशंसा पाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मच्छर के लिए अब राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार की मांग उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने…

फ्लाईदुबई के बहादुर पायलट स्मिथ मच्छर के लिए वीरता पुरस्कार की मांग, पीएमओ को लिखा गया पत्र
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रशंसा पाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मच्छर के लिए अब राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार की मांग उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से अनुरोध किया है कि कैप्टन मच्छर को यह सम्मान दिया जाए, जिन्होंने 30 सितंबर को कॉकपिट में एक जानलेवा हमले के बावजूद 182 लोगों की जान बचाई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, एफआईपी ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में कैप्टन मच्छर के असाधारण साहस और पेशेवर जिम्मेदारी की सराहना की है।

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यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान फर्स्ट ऑफिसर पायलट ने कैप्टन मच्छर पर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले के बाद विमान तेज़ी से नीचे गिरने लगा था।

कॉकपिट में खतरनाक हालात और आपात लैंडिंग

एफआईपी ने इस घटना को कॉकपिट में पैदा हुई "बेहद खतरनाक स्थिति" बताया है। गंभीर चोटों के बावजूद, पायलट-इन-कमांड के तौर पर कैप्टन मच्छर ने स्थिति पर नियंत्रण पाया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिसके बाद अन्य क्रू सदस्य और यात्री अंदर दाखिल हो सके। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़कर उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में उस समय 174 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे। बाद में कैप्टन मच्छर को इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

"लोगों की जान बचाने के लिए लड़ा"

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छर के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्होंने सैकड़ों जानें बचाईं और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। शुक्रवार को अस्पताल से ही कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर पड़े होने के बावजूद उन्हें विमान के नीचे जाने का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि वह "अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे", लेकिन उन्हें यह भी पता था कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो विमान में सवार यात्रियों की जान जा सकती है।

एफआईपी की मांग और जांच की स्थिति

एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने अपने पत्र में कहा है कि तथ्यों के सत्यापन के बाद कैप्टन मच्छर के साहस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए। संगठन ने पीएमओ से इस घटना की परिस्थितियों की जांच कराने और लागू सरकारी प्रावधानों के तहत कैप्टन मच्छर को "उच्चतम उपयुक्त सम्मान" देने पर विचार करने का आग्रह किया है। इस पत्र की एक प्रति नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और डीजीसीए को भी भेजी गई है। एफआईपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कैप्टन मच्छर 2022 तक उनके सदस्य थे, और हालांकि अब नहीं हैं, पर संगठन उन्हें पायलट समुदाय का अभिन्न हिस्सा मानता है। फिलहाल, संयुक्त अरब अमीरात का जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर घटना के कारणों की जांच कर रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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