शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश: रायलसीमा को 'फलों का कटोरा' बनाएगा ₹1 लाख करोड़ का वैश्विक बागवानी केंद्र

आंध्र प्रदेश के सूखा-प्रभावित रायलसीमा क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि यह इलाका जल्द ही सूखे की बजाय…

आंध्र प्रदेश: रायलसीमा को 'फलों का कटोरा' बनाएगा ₹1 लाख करोड़ का वैश्विक बागवानी केंद्र
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश के सूखा-प्रभावित रायलसीमा क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि यह इलाका जल्द ही सूखे की बजाय समृद्धि की भूमि के रूप में जाना जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव की धुरी एक वैश्विक बागवानी केंद्र (Global Horticulture Hub) होगा, जिसे ₹1 लाख करोड़ के भारी-भरकम निवेश से विकसित किया जाना है।

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शुक्रवार को अन्नामय्या जिले के मदनपल्ले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुख्यमंत्री नायडू ने इस हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश भी मौजूद थे।

परियोजना का खाका और निवेश

इस बड़ी परियोजना को तीन चरणों में लागू करने की योजना है। इसके लिए आवश्यक ₹1 लाख करोड़ की अनुमानित राशि में से केंद्र सरकार ₹40,352 करोड़ का योगदान देगी। अधिकारियों के मुताबिक, शेष ₹60,000 करोड़ का निवेश निजी क्षेत्र से जुटाने के प्रयास किए जाएंगे।

यह परियोजना रायलसीमा और आसपास के 10 जिलों में फैले एक बड़े भूभाग को कवर करेगी। इनमें अनंतपुर, अन्नामय्या, चित्तूर, कुरनूल, नंद्याल, श्री सत्य साईं, तिरूपति, कडप्पा, प्रकाशम और मार्कापुरम जिले शामिल हैं। विकास कार्यों को 303 मंडलों और 5,869 गांवों में फैले 201 क्लस्टरों के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा।

किसानों और कृषि पर प्रभाव

इस पहल का सीधा लक्ष्य क्षेत्र में बागवानी को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है। सरकार की योजना मौजूदा 8.41 लाख हेक्टेयर के बागवानी क्षेत्र में 6 लाख हेक्टेयर की और वृद्धि करके इसे कुल 14.41 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाना है। इससे बागवानी उत्पादन को मौजूदा 222 लाख टन से बढ़ाकर 435 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 9.6 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुँचेगा। इसके अतिरिक्त, 9 लाख एकड़ का अतिरिक्त अय्याकट (सिंचित क्षेत्र) बनाया जाएगा और 4.3 लाख एकड़ में सिंचाई सुविधाओं को स्थिर किया जाएगा।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "सरकार रायलसीमा के किसानों की किस्मत बदलने के अपने वादे को पूरा कर रही है।" उन्होंने विश्वास जताया कि इस हब के साथ रायलसीमा एक वैश्विक "फलों के कटोरे" के रूप में उभरेगा, जहाँ के किसान सेब और स्ट्रॉबेरी से लेकर केले, एवोकाडो, कीवी और खजूर तक सब कुछ उगा सकेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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