मध्य प्रदेश में ज़हरीली शराब से मौतें: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने 'डबल इंजन' सरकार पर लगाया जवाबदेही से भागने का आरोप
मध्य प्रदेश के सागर जिले में ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह घटना भाजपा के शासन में…
मध्य प्रदेश के सागर जिले में ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह घटना भाजपा के शासन में व्याप्त लापरवाही को दर्शाती है, जहाँ लोगों की जान की कोई कीमत नहीं बची है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, खड़गे ने इस मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “मध्य प्रदेश में भाजपा भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा लांघ चुकी है और लापरवाही का आलम यह है कि अब लोगों की जान की भी कोई कीमत नहीं बची।" उन्होंने बताया कि सागर जिले में ज़हरीली शराब पीने के कारण 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 अन्य अभी भी अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खड़गे ने कहा, “31 परिवार उजड़ गए, किसी का बेटा गया, किसी का पिता तो किसी का पति, लेकिन भाजपा सरकार के लिए यह भी बस एक और हादसा है।"
विगत घटनाओं का भी किया ज़िक्र
खड़गे ने राज्य में हुई अन्य त्रासदियों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जहर शराब में हो, पानी में हो या दवा में, हर बार कीमत मध्य प्रदेश की जनता अपनी जान देकर चुका रही है।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कई घटनाओं को गिनाया, जिनमें शामिल हैं:
- बालाघाट में 27 से ज़्यादा बच्चों की मौत।
- इंदौर में दूषित पानी से 36 लोगों की जान जाना।
- ज़हरीली कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत।
- सीधी में एक साल के भीतर 53 प्रसूताओं की मृत्यु।
खड़गे ने यह भी बताया कि बालाघाट मामले में उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा क्योंकि सरकार एक महीने बाद भी सर्वे रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही थी।
सरकार पर लगे गंभीर आरोप
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा का यह तरीका पिछले 22 वर्षों से बना हुआ है। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार जवाबदेही से दोगुनी रफ्तार से भागती नजर आती है।" कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, जब भी जनता न्याय की मांग करती है, तो उसे जवाब में वाटर कैनन और आंसू गैस का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र हो या भाजपा शासित राज्य सरकारें, कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेता और किसी को सज़ा नहीं मिलती।
इनपुट: IANS



