असम में पेप्सिको का 787 करोड़ का प्लांट शुरू, 5000 किसानों और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा
असम के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को नलबाड़ी ज़िले के बनेकुची में पेप्सिको इंडिया के एक बड़े फूड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन…
असम के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को नलबाड़ी ज़िले के बनेकुची में पेप्सिको इंडिया के एक बड़े फूड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ₹787 करोड़ की लागत से तैयार हुई यह इकाई न केवल बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगी, बल्कि राज्य के हज़ारों आलू उत्पादक किसानों के लिए एक सुनिश्चित बाज़ार भी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने इस अवसर पर याद दिलाया कि उन्होंने 3 सितंबर, 2023 को तत्कालीन उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटोवरी के साथ इस प्लांट की आधारशिला रखी थी। अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, "2023 में मैंने पेप्सिको प्लांट की आधारशिला रखी थी, जिससे औद्योगीकरण के एक नए युग की शुरुआत हुई। आज मैं 787 करोड़ रुपए के इस प्लांट का उद्घाटन करने के लिए नलबाड़ी लौटा हूं।"
किसानों और रोज़गार पर असर
इस प्लांट से राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पेप्सिको को फिलहाल सालाना लगभग 30,000 मीट्रिक टन आलू की आवश्यकता है, जो 2030 तक बढ़कर 70,000 टन हो जाने का अनुमान है। इस पहल से लगभग 5,000 स्थानीय किसानों और उनके परिवारों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
रोज़गार के मोर्चे पर, इस इकाई से 200 से अधिक प्रत्यक्ष और करीब 500 अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा होने की उम्मीद है। एक उल्लेखनीय पहलू यह है कि इसके कुल वर्कफोर्स में 75 प्रतिशत से ज़्यादा महिलाएँ शामिल होंगी। साथ ही, लगभग 120 महिलाओं को डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सरकारी सहयोग और भविष्य की योजना
किसानों को आर्थिक रूप से समर्थन देने के लिए असम सरकार, पेप्सिको और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए आलू के विशेष बीज खरीदने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी।
इसके अलावा, राज्य सरकार आलू की सप्लाई चेन को बेहतर बनाने और फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी कदम उठा रही है। इसी योजना के तहत लगभग ₹35 करोड़ की लागत से 10,000 टन क्षमता वाली एक कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनाने की तैयारी है। सीएम सरमा ने ज़ोर देकर कहा कि इस तरह के निवेश से राज्य में रोज़गार के अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को नौकरी के लिए बाहर जाने से रोका जा सकेगा।
इनपुट: IANS



