बुधवार, 30 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सिराज के लिए बड़ी सौगात: चिनाब नदी पर बन रहा मंडोल पुल, ढाई घंटे का सफ़र 10 मिनट में होगा पूरा

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में चिनाब नदी पर बन रहे एक पुल से लगभग 90,000 लोगों की ज़िंदगी बदलने की उम्मीद है। मंडोल पुल नाम की इस परियोजना के पूरा होने पर, डोडा शहर से नदी के दूसरी तरफ और अस्सर में…

सिराज के लिए बड़ी सौगात: चिनाब नदी पर बन रहा मंडोल पुल, ढाई घंटे का सफ़र 10 मिनट में होगा पूरा
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में चिनाब नदी पर बन रहे एक पुल से लगभग 90,000 लोगों की ज़िंदगी बदलने की उम्मीद है। मंडोल पुल नाम की इस परियोजना के पूरा होने पर, डोडा शहर से नदी के दूसरी तरफ और अस्सर में नेशनल हाईवे तक का सफ़र जो अभी ढाई घंटे का है, वह महज़ 10 मिनट में सिमट जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सड़क और भवन विभाग नाबार्ड की मदद से इस पुल का निर्माण कर रहा है।

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यह पुल चिनाब नदी की सतह से 100 फीट की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है और इसकी लंबाई 200 मीटर होगी। इसका निर्माण कार्य 2025 में शुरू हुआ था और मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। यह परियोजना सिराज इलाके के लिए हर मौसम में सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जिससे डोडा जिले के कस्तीगढ़, बागवाह और अस्सर ब्लॉक के साथ-साथ रामबन जिले के राजगढ़ ब्लॉक के निवासियों को सीधा लाभ होगा।

परियोजना की लागत और विवरण

अधिकारियों के मुताबिक, यह पुल 5.15 मीटर चौड़ा होगा, जिससे गाड़ियों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। आरएंडबी (बागवाह डिवीजन) के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश भूषण ने बताया कि पुल के निर्माण के लिए 24.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जबकि आवंटित लागत 22.83 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा, "यह पुल सिराज को NH 244 पर अस्सर से जोड़ेगा और इसका निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है।"

स्थानीय लोगों के लिए दशकों पुराना सपना

इस पुल के बनने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है, जिनके लिए यह एक लंबे समय से देखा गया सपना सच होने जैसा है। एक स्थानीय निवासी मुदस्सर ने IANS को बताया, "मेरे पूर्वजों ने कभी ऐसा होने का सपना देखा था और इच्छा की थी। काश वे इस विकास को देखने के लिए जीवित होते।" उन्होंने बताया कि अभी नदी पार करने या हाईवे तक पहुँचने के लिए उन्हें डोडा शहर से होकर 2.5 घंटे का लंबा सफ़र करना पड़ता है, जो पुल बनने के बाद सिर्फ़ 10 मिनट का रह जाएगा।

मलहोरी गाँव के प्रेयावर्त सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "नदी का दूसरा किनारा बहुत पास है, लेकिन अगर हमें अपने रिश्तेदारों से मिलना हो या कोई इमरजेंसी हो तो वहां जाने के मुश्किल सफ़र को शुरू करने से पहले हम दो बार सोचते हैं।" उन्होंने कहा कि जो दूरी पहले 40 किलोमीटर से ज़्यादा थी, वह अब 10 मिनट में तय हो जाएगी। उन्होंने इस सुविधा के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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