बुधवार, 30 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम: IIT कानपुर बनाएगा देश का पहला CPV सन सिम्युलेटर

भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सौर ऊर्जा एक अहम कड़ी है। इसी दिशा में आत्मनिर्भरता बढ़ाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर देश की पहली 'कंसंट्रेटेड…

सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम: IIT कानपुर बनाएगा देश का पहला CPV सन सिम्युलेटर
(फोटो: IANS)

भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सौर ऊर्जा एक अहम कड़ी है। इसी दिशा में आत्मनिर्भरता बढ़ाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर देश की पहली 'कंसंट्रेटेड फोटोवोल्टिक (CPV) सन सिम्युलेटर' सुविधा विकसित करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह उन्नत परीक्षण प्रणाली अगली पीढ़ी के सौर मॉड्यूल की जांच और क्षमता का आकलन भारत में ही संभव बनाएगी, जिसके लिए अभी तक देश में कोई सुविधा मौजूद नहीं थी।

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इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए IIT कानपुर ने बेंगलुरु की कंपनी नेक्सपीवी एनर्जी सिस्टम्स के साथ एक समझौता किया है। संस्थान के सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आशीष गर्ग और उनकी टीम इस पहल का नेतृत्व कर रही है। उनके मुताबिक, देश में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि नई तकनीकों की सटीक जांच करने वाली सुविधाओं का विकास भी उतना ही ज़रूरी है।

क्यों ज़रूरी है यह खास सिम्युलेटर?

सामान्य सौर पैनलों के विपरीत, CPV मॉड्यूल एक अलग तकनीक पर काम करते हैं। इनमें लेंसों का उपयोग करके सूर्य की तेज़ रोशनी को छोटे और बेहद कुशल सौर सेलों पर केंद्रित किया जाता है। ये सेल अर्धचालक (semiconductor) की कई परतों से बने होते हैं और सूर्य के प्रकाश के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा में बदलते हैं।

IIT कानपुर ने बताया कि इसी विशेष कार्यप्रणाली के कारण CPV मॉड्यूल को जांचने के लिए एक अलग तरह के सिम्युलेटर की आवश्यकता होती है। यह सिर्फ सीधी और समानांतर सूर्य की रोशनी में ही प्रभावी ढंग से काम करते हैं। यह नया सिम्युलेटर इन्हीं वास्तविक परिस्थितियों को प्रयोगशाला में तैयार करेगा, जिससे मॉड्यूल की गुणवत्ता और प्रदर्शन का भरोसेमंद आकलन हो सकेगा।

स्वदेशी तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

इस सुविधा के विकास में IIT कानपुर के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पार्क (टेक्नोपार्क@आईआईटीके) की सदस्य कंपनी 'इनवेरिएंस ऑटोमेशन' भी सहयोग कर रही है। परियोजना के अगले चरण में, यही कंपनी शुरुआती मॉडल को व्यावसायिक उत्पादन के स्तर की प्रणाली में बदलने के लिए मुख्य निर्माण साझेदार होगी।

नेक्सपीवी एनर्जी सिस्टम्स के निदेशक चिदानंद मूर्ति आर. ने कहा कि भारत में सौर ऊर्जा क्षमता लगातार बढ़ रही है, लेकिन सौर सेल और मॉड्यूल उत्पादन के बीच का अंतर एक चुनौती बना हुआ है। उन्होंने बताया कि CPV तकनीक उन क्षेत्रों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है, जहाँ सीधी धूप पर्याप्त मात्रा में मिलती है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा तकनीक को प्रयोगशाला से बाज़ार तक पहुँचाने और देश में ही उन्नत सौर परीक्षण का बुनियादी ढाँचा तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

इनपुट: IANS

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