चीनी राष्ट्रपति के लिए भारत में की जा रही है ऐसी शानदार तैयारियां

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा शुरू होने में बहुत कम वक़्त है, दोनों देश के बीच ये दूसरा अनौपचारिक सम्मेलन होगा, यह सम्मेलन तमिलनाडु के महाबलीपुरम में होगा चीन के राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ मुलाकात करेंगे, कई मसलों पर चर्चा भी करेंगे और कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे ।

वैसे तो यह मीटिंग काफी अनौपचारिक होगी, कोई फॉर्मल डिस्कशन होनी की उम्मीद कम है पर देश में चल रहे अहम मुद्दे जैसे आतंकवाद, बिजनेस और बॉर्डर विवाद द्विपक्षीय राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, कूटनीतिक और प्रतिरक्षा संबंधी पर फैसले की उम्मीद है।

भारत-चीन के बीच मौजूदा व्यापार करीब 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, लेकिन यह व्यापार चीन के पक्ष में है, इसलिए भारत को इसका घाटा उठाना पड़ता है. चीन फिलहाल वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है और भारत दक्ष‍िण एशिया में चीन का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. भारत में 1,000 से ज्यादा चीनी कंपनियां कारोबार करती हैं. चीन का दावा है कि भारत में चीनी कंपनियों ने 8 अरब डॉलर का निवेश किया है और यहां 2 लाख लोगों को रोजगार दिया है ।

चीन के राष्ट्रियपति ने भारत दौरे के लिए महाबलीपुरम को इसलिए चुना महाबलीपुरम का चीन के साथ ऐतिहासिक व्यापारिक रिश्ता रहा है. महाबलीपुरम पर तीसरी से नौंवी सदी तक शासन करने वाले पल्लव शासकों ने अपने दूत चीन तक भेजे थे. 650 से 750 ईस्वी के काल को पल्लव शासकों का स्वर्णकाल कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि चीन में जेन बौद्ध संप्रदाय का प्रसार करने वाले प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु बोधि‍धर्म एक पल्लव राजा की तीसरी संतान थे और वे कांचीपुरम से महाबलीपुरम होते हुए 527 ईस्वी में चीन गए थे. चीन से बौद्ध भिक्षु शुआनजांग पल्लव राजा के काल में ही कांचीपुरम आए थे ।

पल्लव राजाओं के चीन के साथ व्यापारिक और प्रतिरक्षा के रिश्ते थे. यहां से चीन, श्रीलंका से लेकर रोम तक व्यापार होता था. यह पल्लव शासकों के दौरान भी एक प्रमुख व्यापार केंद्र था ।

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चेन्नई और महाबलीपुरम में सुरक्षाबल तैनात है। सुरक्षा के काफी पुख़्ता इंतजाम किये गए है, चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले महाबलीपुरम सज चुका है. यहां पर ऐतिहासिक स्थलों को सजाया गया है, जहां पर दोनों देशों के प्रमुखों को जाना है. शी जिनपिंग के भारत पहुंचने से पहले उनके वाहन पहले ही चेन्नई पहुंच गए हैं ।