दिल्ली: छात्रों के लिए आवास संकट और आपदा प्रबंधन पर दो बड़े फैसले, जांच समिति और नई इमरजेंसी फोर्स का गठन
दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की कमी और शहर की आपदा प्रबंधन क्षमता को लेकर दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, वहीं…
दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की कमी और शहर की आपदा प्रबंधन क्षमता को लेकर दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राज्य के लिए एक समर्पित आपदा राहत बल (SDERF) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों निर्णय दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए इमारत हादसे के बाद लिए गए हैं, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी।
छात्र आवास की पड़ताल करेगी समिति
उपराज्यपाल द्वारा गठित 20-सदस्यीय समिति की अध्यक्षता दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद करेंगे। इस समिति को राष्ट्रीय राजधानी में हॉस्टल की कमी का आकलन करने और बाहर से आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित रहने के नए विकल्प तलाशने का काम सौंपा गया है। समिति में दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर, डीडीए के उपाध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
समिति के गठन का स्वागत करते हुए आशीष सूद ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "दिल्ली के छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और पर्याप्त आवास सुनिश्चित करना एक मुख्य प्राथमिकता है।" उन्होंने आगे कहा कि कमेटी सरकारी संपत्तियों की पहचान करने के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से आवास के नए विकल्प तलाशेगी, ताकि दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बनाया जा सके।
दिल्ली को मिलेगी अपनी आपदा राहत फोर्स
अब तक दिल्ली किसी भी बड़ी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और स्थानीय पुलिस पर निर्भर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अब इस निर्भरता को कम करने के लिए राज्य की अपनी आपदा आपातकालीन राहत बल (SDERF) बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को घटाना और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना है।
दिल्ली सचिवालय में सरकार और NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में एक अत्याधुनिक SDERF टीम स्थापित करने के लिए जरूरी सिफारिशों पर चर्चा की गई। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली उच्च जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र-4 में आता है और यहां गंभीर बाढ़ जैसी अन्य आपदाओं का भी खतरा बना रहता है।
इनपुट: IANS



