दिल्ली: गोल्डी बराड़ के नाम पर कारोबारियों से 1-1 करोड़ की रंगदारी, फायरिंग की साजिश नाकाम, 3 गिरफ्तार
दिल्ली के कारोबारियों को निशाना बनाकर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम पर चलाए जा रहे एक बड़े रंगदारी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस सिलसिले में तीन…
दिल्ली के कारोबारियों को निशाना बनाकर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम पर चलाए जा रहे एक बड़े रंगदारी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस सिलसिले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर रंगदारी न मिलने पर पीड़ितों के घर पर फायरिंग की योजना बना रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरोह कारोबारियों से एक-एक करोड़ रुपए की मांग कर रहा था।
पुलिस ने इस मामले में आरिफ उर्फ 'पिस्टल', मुबारिक उर्फ गुल्लू और नवाब अली उर्फ सोनिज को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारियां अलग-अलग जगहों से हुईं — आरिफ को गुजरात के अहमदाबाद से, मुबारिक को दिल्ली से, जबकि नवाब अली को रेवाड़ी के पास एक चलती ट्रेन से पकड़ा गया।
कैसे काम कर रहा था यह नेटवर्क?
इस पूरे मामले की शुरुआत 16 सितंबर को हुई, जब एक कारोबारी प्रवीण जैन के फोन पर तीन मिस्ड कॉल आईं। इसके बाद रात करीब 9:27 बजे उनके बेटे आयुष के पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ का सहयोगी बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना के बाद 17 सितंबर को रूप नगर थाने में FIR दर्ज की गई।
इसी तरह का एक और मामला 19 सितंबर को सामने आया, जब रोहिणी सेक्टर-1 के एक निर्माण व्यवसायी मनोज मलिक से भी उसी यूएई नंबर से एक करोड़ रुपए की मांग की गई। उनके छोटे भाई को वॉट्सऐप पर कॉल और ऑडियो संदेश भेजकर 48 घंटे के भीतर रकम चुकाने को कहा गया, वरना फायरिंग की धमकी दी गई। इस मामले में 24 सितंबर को विजय विहार थाने में एफआईआर दर्ज हुई।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच में पता चला कि धमकी भरी कॉल दुबई से आरिश नाम के शख्स ने की थी, जिसके लिए फ्रांस की एक कंपनी से जुड़े आईपी एड्रेस का इस्तेमाल हुआ। जांच में उत्तर प्रदेश के शामली निवासी आरिफ उर्फ पिस्टल का नाम भारत में मुख्य सहयोगी के रूप में सामने आया। आरिफ पर आरोप है कि उसने ही दुबई में बैठे आरिश को मोटी रकम का लालच देकर कॉल करवाई थी और उसे हरियाणवी लहजे में बात करने को कहा था ताकि शक स्थानीय अपराधी पर जाए।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रूप नगर के पीड़ित के घर पर फायरिंग की योजना बना रहे हैं, ताकि दहशत फैलाकर दोबारा रंगदारी मांगी जा सके। पुलिस ने तुरंत पीड़ित के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ाकर इस साजिश को नाकाम कर दिया। इसके बाद तकनीकी निगरानी के आधार पर 24 सितंबर को आरिफ को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में मुबारिक उर्फ गुल्लू का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया। आरोप है कि उसने ही पूरी योजना बनाई और शूटरों का इंतजाम किया। मुबारिक को 25 सितंबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वहीं, शूटरों में से एक नवाब अली को 1 अक्टूबर को आरपीएफ की मदद से रेवाड़ी के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस अब फरार शूटरों और दुबई में बैठे आरोपी की तलाश कर रही है।
इनपुट: IANS



