भारत-जापान सैन्य अभ्यास 'वीर गार्डियन 2026' शुरू, पहली बार भारतीय धरती पर उतरे जापानी लड़ाकू विमान
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मज़बूत करते हुए संयुक्त वायुसेना अभ्यास 'वीर गार्डियन 2026' का आगाज़ हो गया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू…
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मज़बूत करते हुए संयुक्त वायुसेना अभ्यास 'वीर गार्डियन 2026' का आगाज़ हो गया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू विमान पहली बार इस अभ्यास के लिए भारत पहुँचे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने इसे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी में एक 'अहम पड़ाव' बताया है। यह अभ्यास 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है।
यह दूसरा मौका है जब दोनों देशों के लड़ाकू विमान एक-दूसरे के देश में जाकर संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। इससे पहले 2023 में 'वीर गार्डियन 23' के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान का दौरा किया था। लड़ाकू विमानों की यह आपसी तैनाती दोनों देशों के बीच गहरे होते रक्षा संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है।
सहयोग और स्थिरता का लक्ष्य
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि इस अभ्यास से आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ेगा, सामरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और ऑपरेशनल कौशल में सुधार होगा। मंत्रालय के मुताबिक, यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग और स्थिरता की नींव को मज़बूत करेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी JASDF के एफ-2 विमानों के भारत आगमन का स्वागत किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक अहम पड़ाव! JASDF फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के प्रति हमारे बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
अभ्यास का स्वरूप
इस 14-दिवसीय अभ्यास में भारतीय वायु सेना अपने कई प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही है, जिनमें स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान दोनों वायु सेनाओं के जवान उन्नत ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे। इसके अलावा, मिशन योजना, विषय-विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व एयरोस्पेस सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी, जिससे दोनों सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और गहरा होगा।
इनपुट: IANS



