ईरान पर अगला कदम क्या होगा? ट्रंप ने रहस्य बरकरार रखते हुए कहा - 'जल्द पता चल जाएगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी भविष्य की रणनीति को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है, लेकिन यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव जल्द ही खत्म हो सकता है। व्हाइट हाउस में…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी भविष्य की रणनीति को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है, लेकिन यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव जल्द ही खत्म हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि उनका अगला कदम क्या होगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की स्थिति अच्छी नहीं है और हालात बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, "अगर मैं आपको बता दूं, तो आपके पास बहुत बड़ी खबर होगी, है ना? लेकिन आपको जल्द पता चल जाएगा।" हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई ब्योरा नहीं दिया कि उनका प्रशासन किस तरह की कार्रवाई पर विचार कर रहा है या इसके लिए कोई समयसीमा तय की गई है या नहीं।
तेल की कीमतें और ईरान का भविष्य
ईरान का जिक्र तब फिर आया जब राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति पर बात कर रहे थे। उन्होंने अनुमान जताया कि एक बार ईरान से जुड़ा मसला सुलझ गया, तो तेल की कीमतें अपने पुराने स्तर पर वापस आ जाएंगी। उन्होंने कहा, "बहुत जल्द हमारे पास काफी तेल होगा। जैसे ही ईरान का मामला खत्म होगा, और इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि तेल की कीमत शायद उनके कार्यकाल की शुरुआत से भी नीचे जा सकती है।
डीजल आपूर्ति पर यूरोप से बातचीत
यह चर्चा तब शुरू हुई जब पत्रकारों ने ट्रंप से अमेरिका से डीजल के निर्यात पर संभावित रोक के बारे में सवाल पूछा। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। इसके बजाय, उन्होंने बताया कि उन्होंने यूरोपीय देशों से वैश्विक बाजार में अधिक डीजल उपलब्ध कराने को कहा है।
ट्रंप के अनुसार, "यूरोप के पास काफी डीजल है और वे दुनिया के लिए इसमें बड़ा योगदान देने वाले हैं।" उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका से डीजल निर्यात पर रोक लगाना कभी भी एक गंभीर विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि यूरोप के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे हैं और उनकी अपील पर यूरोपीय देशों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
इनपुट: IANS



