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मानव जाति के लिए ये मादा मच्छर है सबसे ज्यादा खतरनाक, जानिए एक बार में कितने देती है अंडे

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नई दिल्ली: हमने आज तक ये ही सुना है कि डेंगू, मलेरिया, जीका वायरस और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों फैलाने में जितना ज्यादा एक नर मच्छर जिम्मेदार होता है उतना ही एक मादा मच्छर भी होती है. तो चलिए जानते है इनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिन्हें जानकर आप भी दंग रहें जाएंगे.

एक नर मच्छर का जीवन काल दस दिनों का होता है

हम सभी जानते है मच्छरों का जीवनकाल काफी कम समय तक का नहीं होता है. बवजूद इसके यह कई जानलेवा बीमारियां को फैलाते है. जहां एक तरफ एक नर मच्छर का जीवन काल दस दिनों का होता है. वहीं एक मादा मच्छर 40-50 दिन तक जीवित रहती है.

मादा मच्छर लगभग 200 से 500 अंडे तक देती है

अब जो हम आपको इस आर्टिकल द्वारा बताने जा रहें है शायद ही उसके बारे में अपने पहले कभी सुना होगा, अपने पूरे जीवन काल में सिर्फ एक बार संसर्ग बनाने वाली हर मादा मच्छर लगभग 200 से 500 अंडे तक देती है. ये ही नहीं ये 200 से 500 अंडे देने वाली मादा मच्छर अपने जीवन में सिर्फ एक बार ही संबंध बनाती है. जबकि एक नर मच्छर एक से अधिक बार संबंध बनाता है.

नर मच्छर मादा मच्छरों को उनके पंखों की आवाज से पहचानते है

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नर मच्छर मादा मच्छरों को उनके पंखों की आवाज से पहचानते है. दंग करने वाली बात तो ये है कि मादा मच्छर प्रति मिनट में 250 से 500 बार अपने पंख फड़फड़ाती है. संबंध बनाते वक्त नर मच्छर मादा मच्छर पर अपना स्पर्म पास करता है. ऐसा करने के दौरान वह मादा मच्छर के शरीर पर एक प्रोटीन भी छोड़ता है. इसी वजह से ये बड़ी-बड़ी बीमारियाँ जैसे जीका, मलेरिया और डेंगू होता है.

संबंध बनाने के बाद एक नर मच्छर सिर्फ तीन या चार दिन तक ही जीवित रहता है

खास बात तो यह है कि संबंध बनाने के बाद एक नर मच्छर सिर्फ तीन या चार दिन तक ही जीवित रहता है. मादा मच्छर से जन्मे नए मच्छर मनुष्य के खून के सहारे ही जीते हैं. मनुष्य के खून से ही उन्हें पोषण मिलता है. जो बाद में कई जानलेवा बीमारियों का कारण बनते हैं.

 

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