भीषण हमले के बाद ईरान ने अचानक रोका सैन्य अभियान, इजरायल को दिया बड़ा अल्टीमेटम h3>
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इजरायल के खिलाफ चल रहे अपने सैन्य अभियान को अचानक रोकने का ऐलान किया है. इसके साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने लेबनान या किसी अन्य क्षेत्र में फिर से आक्रामक कार्रवाई की तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर और विनाशकारी होगा.
फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने घोषणा की है कि इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन समाप्त किया जा रहा है. ईरानी सेना ने दावा किया कि लेबनान के दबे-कुचले लोगों के समर्थन में जायोनी शासन को एक दर्दनाक जवाब दिया जा चुका है और फिलहाल सैन्य अभियान रोक दिया गया है.
सोमवार को जारी बयान में ईरानी सैन्य नेतृत्व ने कहा कि दो महीने पहले अमेरिका की मध्यस्थता में हुए संघर्ष विराम के बाद पहली बार इजरायल और ईरान के बीच सीधे सैन्य हमले देखने को मिले. इस ताजा टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को फिर से बड़े पैमाने के युद्ध की आशंका के मुहाने पर ला खड़ा किया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की शांति सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पूरी ताकत के साथ करेगा और किसी भी खतरे या दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगा.
पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि कूटनीति और रक्षा, राष्ट्रीय शक्ति के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. उन्होंने कहा कि ईरान ने न तो मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की मेज. राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि एकता, धैर्य और समझदारी के बल पर ईरान इस कठिन दौर से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा.
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वहीं, ईरान के संयुक्त कमान ने कहा कि यदि इजरायल या उसके समर्थक दक्षिणी लेबनान समेत किसी भी क्षेत्र में आक्रामक और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करते हैं, तो तेहरान पहले से कहीं ज्यादा सख्त कदम उठाएगा. ईरानी सेना का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.
दरअसल, रविवार शाम से ईरान ने इजरायल के कई हिस्सों पर दर्जनों मिसाइलें दागीं. यह हमला उस वक्त हुआ जब इजराइल ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर सैन्य कार्रवाई कर दी. ईरानी मिसाइल हमलों के बाद इजरायल ने भी सेंट्रल और वेस्टर्न ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया.
इसी बीच भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है. भारत ने सोमवार को इजरायल और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने, लगातार चौकन्ना रहने और दोनों देशों की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने को कहा है. इसके संबंध में ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी किया गया है.
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि क्षेत्र में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा करने से बचें. दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह भी दी है. उधर तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भी सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं.
भारतीय दूतावास ने कहा कि इजरायल में रह रहे सभी भारतीय नागरिक होम फ्रंट कमांड की ओर से जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें. मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. वे सुरक्षित शेल्टर के पास रहें. आसपास मौजूद सबसे सुरक्षित स्थानों की जानकारी जुटा लें.
—- समाप्त —-
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इजरायल के खिलाफ चल रहे अपने सैन्य अभियान को अचानक रोकने का ऐलान किया है. इसके साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने लेबनान या किसी अन्य क्षेत्र में फिर से आक्रामक कार्रवाई की तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर और विनाशकारी होगा.
फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने घोषणा की है कि इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन समाप्त किया जा रहा है. ईरानी सेना ने दावा किया कि लेबनान के दबे-कुचले लोगों के समर्थन में जायोनी शासन को एक दर्दनाक जवाब दिया जा चुका है और फिलहाल सैन्य अभियान रोक दिया गया है.
सोमवार को जारी बयान में ईरानी सैन्य नेतृत्व ने कहा कि दो महीने पहले अमेरिका की मध्यस्थता में हुए संघर्ष विराम के बाद पहली बार इजरायल और ईरान के बीच सीधे सैन्य हमले देखने को मिले. इस ताजा टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को फिर से बड़े पैमाने के युद्ध की आशंका के मुहाने पर ला खड़ा किया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की शांति सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पूरी ताकत के साथ करेगा और किसी भी खतरे या दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगा.
पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि कूटनीति और रक्षा, राष्ट्रीय शक्ति के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. उन्होंने कहा कि ईरान ने न तो मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की मेज. राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि एकता, धैर्य और समझदारी के बल पर ईरान इस कठिन दौर से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा.
वहीं, ईरान के संयुक्त कमान ने कहा कि यदि इजरायल या उसके समर्थक दक्षिणी लेबनान समेत किसी भी क्षेत्र में आक्रामक और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करते हैं, तो तेहरान पहले से कहीं ज्यादा सख्त कदम उठाएगा. ईरानी सेना का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.
दरअसल, रविवार शाम से ईरान ने इजरायल के कई हिस्सों पर दर्जनों मिसाइलें दागीं. यह हमला उस वक्त हुआ जब इजराइल ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर सैन्य कार्रवाई कर दी. ईरानी मिसाइल हमलों के बाद इजरायल ने भी सेंट्रल और वेस्टर्न ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया.
इसी बीच भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है. भारत ने सोमवार को इजरायल और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने, लगातार चौकन्ना रहने और दोनों देशों की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने को कहा है. इसके संबंध में ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी किया गया है.
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि क्षेत्र में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा करने से बचें. दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह भी दी है. उधर तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भी सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं.
भारतीय दूतावास ने कहा कि इजरायल में रह रहे सभी भारतीय नागरिक होम फ्रंट कमांड की ओर से जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें. मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. वे सुरक्षित शेल्टर के पास रहें. आसपास मौजूद सबसे सुरक्षित स्थानों की जानकारी जुटा लें.
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