नई दिल्ली: आगामी चुनावों को लेकर पार्टियों में सरगर्मियां अभी से शुरू हो चुकी है. एक बार मोदी ने कहा था कि चार साल काम और पांच साल राजनीती. इस बयान को देखते हुए तो ऐसा लगा रहा है कि मोदी 2019 के चुनावों को भी अपने नाम करने की तैयारियों में जुट गए है. वहीं दलों के बीच तनातनी का सिलसिला इतना ज्यादा बढ़ गया है इस बात से यह साफ पता चलता है कि अब चुनाव ज्यादा दूर नहीं है इसके लिए सभी पार्टियों कमर कस चुकी है.
जानकारी के अनुसार, मोदी आने वाले लोकसभा और विधानसभा के चुनावों को ध्यान में रखते हुए अगले साल फरवरी तक करीब पचास रैलियों को करेंगे. इस दौरान वह तकरीबन सौ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा भी करेंगे. उनका यह मंशा है कि 2014 के जैसे टीवी स्क्रीन पर सिर्फ पीएम मोदी ही नजर आएं.
मोदी सरकार 150 से ज्यादा सीटों को करेंगे कवर
मोदी का यह एक बड़ा दाव होगा जो विपक्षी पार्टी के लिए चुनाव के दौरान काफी परेशानी का काम कर सकता है. इन रैलियों से प्रधानमंत्री मोदी देश भर के 150 संसदीय क्षेत्रों को कवर करेंगे. इससे पहले मोदी ने पंजाब के मुक्तसर में किसान रैली कर के अपने इस अभियान की शुरुआत कर दी है. अब पीएम 21 जुलाई को यूपी के शाहजहांपुर फिर बंगाल के मिदनापुर, कर्नाटक और ओडिशा में किसान रैलियों को संबोधित करेंगे.
अध्यक्ष अमित शाह समेत कई बड़े नेता संबोधित करेंगे रैलियां
मोदी के अतिरिक्त भाजपा पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी देश भर में 50-50 रैलियां करने वाले है. इस में भाजपा पार्टी ने कम से कम दो संसदीय क्षेत्रों को कवर करने की प्लानिंग की है. इस रैलियों के द्वारा पार्टी के दिग्गज नेता सरकार के कामकाज की चर्चा करेंगे और चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को भी तैयार करेंगे.
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी का कल से यू.पी दौरा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का करेंगे शिलान्यास
बता दें कि इस साल के आखिरी में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले है. इन चुनावों के लिए भाजपा पार्टी सभी हथकंडे अपनाती नजर आ सकती है. हालांकि साल 2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को काफी अन्य पार्टियों का समर्थन मिला था वह इस बार थोड़ा कम मिल रहा है. इस दौरान उसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है.















