मुंबई ऑनलाइन गेमिंग घोटाला: ED ने एडसम फिनटेक के कंट्रोलर राम रामधनी को गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में चल रहे एक बड़े ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी घोटाले के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने राम यू. रामधनी…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में चल रहे एक बड़े ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी घोटाले के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने राम यू. रामधनी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। रामधनी पर एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने का आरोप है।
यह पूरा मामला 'ऑल पैनल एक्सचेंज' (APX) नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से चलाए जा रहे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ा है। ईडी ने दो अलग-अलग FIR के आधार पर जांच शुरू की थी, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
कैसे काम करता था धोखाधड़ी का नेटवर्क
जांच में यह बात सामने आई कि धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा पहले कई फर्जी खातों में घुमाया जाता था। इसके बाद, इस रकम को एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। ईडी के अनुसार, इस कंपनी को राम यू. रामधनी ने ही शुरू किया था और वही इसका पूरा कामकाज नियंत्रित करता था।
एजेंसी ने पाया कि एडसम फिनटेक के बैंक खातों का इस्तेमाल सिर्फ गेमिंग ही नहीं, बल्कि कई अन्य साइबर अपराधों के लिए भी हो रहा था। इनमें इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और क्रिप्टो/यूएसडीटी से जुड़ी धोखाधड़ी जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इन बैंक खातों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये की रकम को कई परतों में घुमाया गया ताकि उसके स्रोत को छिपाया जा सके।
पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल
आरोपी ने धोखाधड़ी के पैसे के लेन-देन के लिए ईजबज, कैशफ्री और पाइनलैब्स जैसे पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, मुस्लिम कोऑपरेटिव बैंक जैसे बैंकों के पेमेंट चैनलों का भी उपयोग किया गया।
रामधनी की गिरफ्तारी बैंक ट्रांजैक्शन के विस्तृत विश्लेषण, PMLA के तहत दर्ज बयानों और अन्य दस्तावेजी व डिजिटल सबूतों के आधार पर की गई है। गिरफ्तारी के बाद मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने उसे सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेजा था, जिसके बाद अब उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले, ईडी ने इस मामले में पुणे, मुंबई और बेंगलुरु में कई जगहों पर तलाशी ली थी और करीब 60 लाख रुपये की रकम फ्रीज की थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



