क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बन मुंबई में लाखों की ठगी, महंगे फ़ोन खरीदने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर लोगों से साइबर ठगी करता था और फिर उस रकम से महंगे मोबाइल फोन खरीदता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एलटी…
मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर लोगों से साइबर ठगी करता था और फिर उस रकम से महंगे मोबाइल फोन खरीदता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एलटी मार्ग पुलिस ने इस मामले में गुजरात के अहमदाबाद और मुंबई के कुर्ला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19.66 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के 25 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें दो आईफोन शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अनिसबेग समिरबेग मिर्जा (23) और मोईन रहीम शेख (34) के रूप में हुई है।
कैसे दिया ठगी को अंजाम?
यह कार्रवाई एक पीड़ित द्वारा एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई। पीड़ित ने बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को आरबीएल क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया। उसने क्रेडिट कार्ड पर चल रही 'मेल ऑर्डर सर्विस' को बंद करने का झांसा दिया और इसी बहाने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेज दिया।
जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया, धोखेबाजों ने उनके क्रेडिट कार्ड से स्विगी प्लेटफॉर्म पर तीन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4,48,721 रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।
दिल्ली में भी सामने आया ऐसा ही मामला
हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने भी एक अलग मामले में अंतरराज्यीय साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। साउथ डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने टेलीग्राम पर टास्क और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया।
इस मामले में शिकायतकर्ता एक टेलीग्राम ग्रुप के जरिए धोखेबाजों के संपर्क में आया था, जहां उसे अच्छे रिटर्न का लालच देकर निवेश करने के लिए उकसाया गया। पीड़ित ने कुल 7,86,300 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उसे न तो रिटर्न मिला और न ही मूल राशि वापस की गई।
इनपुट: IANS



