महाराष्ट्र में सूखे का संकट: सरकार ने 19 और तालुकों में फसल सर्वेक्षण के दिए निर्देश
महाराष्ट्र में मानसून की कमी से उपजे सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान…
महाराष्ट्र में मानसून की कमी से उपजे सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण और पंचनामा प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया है। इस संबंध में कृषि आयुक्तालय ने 5 अक्टूबर को सभी जिलाधिकारियों को एक पत्र जारी किया है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश है कि जिन 265 तालुकों में 'ट्रिगर-1' लागू है, वहां शत-प्रतिशत फसल पंचनामा तत्काल पूरा किया जाए। यह प्रक्रिया भौतिक और डिजिटल दोनों तरीकों से की जाएगी और इसे पारदर्शी बनाने के लिए किसानों के हस्ताक्षर के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक भी किया जाएगा।
8 जिलों के 19 तालुका सर्वेक्षण के दायरे में
सरकार ने पहले से चिन्हित 265 तालुकों के अलावा 19 अन्य तालुकों में भी सूखे की गंभीरता का आकलन करने का फैसला किया है। इन तालुकों में प्रमुख 5 फसलों का 20 प्रतिशत सर्वेक्षण और जमीनी जांच करने को कहा गया है। इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट तैयार कर मंत्रिमंडल की उपसमिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
इस अतिरिक्त सर्वेक्षण के लिए 8 जिलों के कुल 19 तालुकों को शामिल किया गया है। इन जिलों में नांदेड़, चंद्रपुर, गोंदिया, वर्धा, भंडारा, नासिक, सतारा और सांगली शामिल हैं।
किन तालुकों में होगा नया सर्वे?
सरकारी पत्र के अनुसार, जिन तालुकों में यह विशेष सर्वेक्षण होगा, वे हैं: नांदेड़ जिले के मुदखेड़, मुखेड़, अर्धापुर; चंद्रपुर के जिवती, ब्रह्मपुरी, बल्लारपुर; गोंदिया के आमगांव, देवरी, सालेकसा, गोंदिया; वर्धा का कारंजा; भंडारा के मोहाड़ी, तुमसर; नासिक के त्र्यंबकेश्वर, चांदवड़, निफाड; सातारा का पाटण; और सांगली जिले के शिराला और वालवा।
सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से और तत्काल पालन करने तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट ईमेल के जरिए कृषि विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



