जम्मू: सीमा पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार भेजने का मामला, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी सुरक्षा चुनौती बनी हुई है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अरनिया सेक्टर से दो लोगों…
जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी सुरक्षा चुनौती बनी हुई है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अरनिया सेक्टर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों पर पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से गिराई गई खेप उठाने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि उन्हें दो खेप मिली थीं, जिनमें कुल एक किलोग्राम नशीला पदार्थ शामिल था।
बरामद सामान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 500 ग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम जब्त की गई है। इसके अलावा, इटली में बनी एक बेरेटा पिस्तौल, दो मैगजीन और चार कारतूस भी बरामद हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है।
ड्रोन घुसपैठ की बढ़ती घटनाएं
यह घटना जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के बढ़ते खतरे को दर्शाती है, जहां आतंकवादी संगठन और तस्कर गिरोह हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 2025 में ही भारत की पश्चिमी सीमा पर ड्रोन घुसपैठ की 791 घटनाएं दर्ज की गईं। सुरक्षा बलों ने इन खतरों से निपटने के लिए जैमर और स्पूफर जैसे ड्रोन-रोधी उपायों का इस्तेमाल किया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी का इस्तेमाल नार्को-फाइनेंसिंग के लिए किया जा रहा है। पहले भी अरनिया, सांबा, कठुआ, अखनूर, राजौरी और पुंछ जैसे इलाकों में ड्रोन से पिस्तौल, ग्रेनेड, IED और AK-47 की गोलियां गिराने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इनपुट: IANS



