मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत की एयरो-इंजन शक्ति को नई उड़ान: HAL ने 2,000वां इंजन किया डिलीवर, 10,000 का लक्ष्य

भारत के एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण क्षेत्र ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अपना 2,000वां एयरो-इंजन डिलीवर किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति…

भारत की एयरो-इंजन शक्ति को नई उड़ान: HAL ने 2,000वां इंजन किया डिलीवर, 10,000 का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

भारत के एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण क्षेत्र ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अपना 2,000वां एयरो-इंजन डिलीवर किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में न केवल इस मील के पत्थर का जश्न मनाया गया, बल्कि भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किए गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह उपलब्धि भारत की दशकों लंबी एयरो-इंजन यात्रा और सशस्त्र बलों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

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राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि देश की एयरोस्पेस यात्रा और सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता में 2,000 महत्वपूर्ण योगदानों का प्रतीक है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय कई पीढ़ियों के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल कामगारों की प्रतिबद्धता को दिया।

उत्पादन क्षमता में बड़ी छलांग

इस महत्वपूर्ण मौके पर, HAL के कोरापुट प्लांट में हेलीकॉप्टरों में लगने वाले 'शक्ति' इंजन के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का भी उद्घाटन किया गया। इस लाइन को स्थापित करने में 218 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे देश में शक्ति इंजन के निर्माण की क्षमता बढ़ेगी। यह अतिरिक्त क्षमता स्वदेशी रूप से विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सुखोई इंजन उत्पादन में भी तेज़ी

रक्षा मंत्री ने सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमानों के लिए AL-31FP इंजन के उत्पादन में HAL कोरापुट के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि 2024 में दिए गए 240 इंजनों के ऑर्डर पर तेजी से काम हो रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद, HAL ने दूसरे वर्ष के अंत तक 60 इंजनों के लक्ष्य के मुकाबले 63 इंजन डिलीवर कर दिए हैं। उत्पादन को और गति देने के लिए, HAL अपनी वार्षिक क्षमता को 30 से बढ़ाकर 50 इंजन करने के लिए 335 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।

भविष्य का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि को भविष्य की बड़ी योजनाओं की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, “आज के 2,000वें इंजन की डिलीवरी को हम केवल एक मील का पत्थर न लें, बल्कि अगले 10 हजार, अगले 1 लाख और एक ऐसी भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के निर्माण के संकल्प के रूप में लें, जो दुनिया की सबसे उन्नत प्रणोदन प्रणालियों को डिजाइन, विकसित, निर्मित और उनका समर्थन करने में सक्षम हो।” उन्होंने कहा कि एयरो-इंजन में आत्मनिर्भरता के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और कच्चे माल के लिए मिश्र धातु निगम लिमिटेड के साथ साझेदारी भी अहम है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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