नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानें शिफ्ट करने की तैयारी, एयरलाइंस को विस्तृत योजना बनाने के निर्देश
मुंबई के हवाई यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर उड़ानें स्थानांतरित करने के लिए…
मुंबई के हवाई यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर उड़ानें स्थानांतरित करने के लिए एक विस्तृत ट्रांजिशन प्लान बनाने को कहा है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, यह फैसला मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMIA) के टर्मिनल-1 के चरणबद्ध पुनर्विकास की योजनाओं को देखते हुए लिया गया है।
इस संबंध में नागर विमानन सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस बड़े बदलाव की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के साथ-साथ इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी प्रमुख घरेलू एयरलाइंस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
विस्तृत कार्ययोजना की मांग
सूत्रों के मुताबिक, सचिव ने सभी पक्षों से एक स्पष्ट और ठोस परिचालन योजना पेश करने को कहा है ताकि यह बदलाव यात्रियों और एयरलाइंस के लिए पूरी तरह सुचारु हो। मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि पूरी प्रक्रिया को कुछ सप्ताह आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि सभी हितधारकों को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके। इस मामले पर अगली समीक्षा बैठक 13 अक्टूबर को होनी है।
बैठक में एयरलाइंस ने बताया कि वे पिछले करीब 18 महीनों से एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ इस स्थानांतरण को लेकर बातचीत कर रही हैं। लगभग 90 मिनट तक चली इस चर्चा के दौरान एयरलाइंस द्वारा उठाए गए विभिन्न परिचालन संबंधी सवालों और चिंताओं का भी समाधान किया गया।
50 लाख यात्रियों के स्थानांतरण का लक्ष्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर साल लगभग 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करना है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने बैठक में एक प्रस्तुतीकरण देकर बताया कि वे इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कंपनी ने अपनी अवसंरचना क्षमता, सड़क संपर्क, इन-फ्लाइट कैटरिंग, होटल और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का ब्योरा भी साझा किया।
सभी हितधारकों ने यह प्रतिबद्धता जताई है कि इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों की सुविधा और परिचालन की दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए 20 अक्टूबर के आसपास एक और बैठक होने की संभावना है, जिसमें अंतिम ट्रांजिशन प्लान पर मुहर लग सकती है।
इनपुट: IANS



