केरल: केरल में चारों ओर बाढ़ से तबाही लेकिन मंत्री जी जर्मनी घुमने में व्यस्त

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केरल में लगातार जारी बारिश से पुरे प्रदेश का बुरा हाल है. मुसलाधार हो रही बारिश से सूबे में बाढ़ के गंभीर हालत बने हुए है. जहा तक नज़र जा रही है वहा तक बस पानी ही नज़र आ रहा है. ऐसे में प्रशासन अपनी पूरी ताकत झोक लोगो की सहायता करने में मुस्तैदी से जुटा हुआ है.

वन और जीव-जंतु संरक्षण मंत्री एक वार्ता में शामिल होने के लिए गए हुए है जर्मनी

केरल करीब एक सदी बाद एसी भयानक बाढ़ भरी स्थिति का सामना कर रहा है. नेता, जनता और अफसर साथ मिलकर इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए एकजुट हैं. वहीं राज्य सरकार में वन और जीव-जंतु संरक्षण मंत्री के. राजू एक वार्ता में शामिल होने के लिए जर्मनी गए हुए हैं. पुनालूर विधानसभा का प्रतिनिधिनत्व करने वाले के. राजू को सीपीआई की राज्य आलाकमान ने जर्मनी से तुरंत वापस आने के निर्देश दिए हैं.

राजू की विदेश यात्रा की यहां खूब आलोचना हो रही है. एक ओर सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपना इलाज कराने के लिए अमेरिका की 19 दिन की यात्रा रद्द कर दी है.

फसे हुए लोगों को सुरक्षित निकला जा रहा है

केरल में तबाही के बीच चल रहे सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में बाढ़ के बाद घरों की छतों पर फंसे लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रदेश के एक इलाके में साउदर्न एयर कमांड के जवानों ने एक ऐसे ही ऑपरेशन को अंजाम दिया. यहां बाढ़ में घिरे घर की छत से लोगों को एयरलिफ्ट किया गया.

बाढ़ से मची तबाही के बीच अब तक राहत और बचाव के काम में जुटी टीमों ने करीब 82,442 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र से थे. 2.4 लाख लोग 1,568 राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं. युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में नेवी की 46, एयरफोर्स की 13 और आर्मी की 18 टीमों के साथ 16 कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं.