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यूपी में फिर हुई बच्चों की मौत!

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यूपी में फिर हुई बच्चों की मौत!
यूपी में फिर हुई बच्चों की मौत!

देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के गोरखपुर में हुए बच्चों के मौत का प्रकरण अभी थमा ही नहीं था कि एक दर्दनाक हादसा सामना आया है। जी हाँ, यूपी के एक और जिले में ऑक्सीजन की कमी से वजह से मासूमों की जान जाने का मामला सामने आया है। यह मामला यूपी के फर्रूखाबाद के सरकारी हॉस्पिटल का है।

आपको बता दें कि यूपी के गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत का मामला अभी थमा नहीं था कि फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल में 49 बच्चों की जान चली जाने का मामला सामने आ गया है। खबर के मुताबकि, 49 में से 30 नवजातों की मौत सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हुई, जिसकी वजह से महीने भर के अंदर इतने बच्चों की मौत हुई।

प्रशासन ने दिये जांच के आदेश…

खबर के मुताबिक, मामले में अब फर्रुखाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट जयनेन्द्र कुमार जैन ने जांच में बच्चों की मौत के पीछे ऑक्सीजन की कमी को वजह को मानते हुए थाना कोतवाली के प्रभारी से संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही आपको बता दें कि कोतवाली प्रभारी को जयनेन्द्र कुमार ने लिखा है कि डीएम द्वारा डॉ राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, फर्रुखाबाद के 23 मई से 14 अगस्त 2017 व पूर्व में समय-समय पर किए गए निरीक्षणों में एसएनसीयू वार्ड में पिछले 6 महीने में मृत शिशुओं का विवरण मांगा गया था, लेकिन सीएमओ, फर्रुखाबाद व सीएमएस ने आदेश की अवहेलना करते हुए सूचना उपलब्ध नहीं कराई, जिसकी वजह से हास्पिटल पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

जानियें, रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ…..

आपको बता दें कि रिपोर्ट में 21 जुलाई से 20 अगस्त तक एसएनसीयू वार्ड में 30 शिशुओं के मौत की बात सामने आई है, जिनमें से अधिकांश की मौत का कारण पेरिनटल एसफिक्सिया से होना दर्शाया गया है। साथ ही आपको यह भी बता दें कि शिशुओं की मृत्युदर के ये आंकड़े 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच के हैं।

मामलें पर डॉक्टरों ने साधी चुप्पी…
जब मामला सामने आया तो डॉक्टर इससे बचते नजर आ रहे है, मामलें पर कुछ भी कहने से कोई भी डॉक्टर कतरा रहा है। आपको बता दें कि अगर यह मौत वाकई ऑक्सीजन की कमी से हुई तो यह प्रशासन और सरकार के लिए बड़े ही शर्म की बात होगी। साथ ही इस तरह के मामलें स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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