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हाथरस में विभागीय रिकॉर्ड में जीवित युवक को दिखाया मृत: पीड़ित पिछले 6 महीने से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित, आधार कार्ड हुआ बंद – Sadabad News

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हाथरस में विभागीय रिकॉर्ड में जीवित युवक को दिखाया मृत:  पीड़ित पिछले 6 महीने से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित, आधार कार्ड हुआ बंद – Sadabad News

हाथरस में विभागीय रिकॉर्ड में जीवित युवक को दिखाया मृत: पीड़ित पिछले 6 महीने से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित, आधार कार्ड हुआ बंद – Sadabad News


हाथरस के बिसाना गांव के एक युवक के साथ एक बेहद अजीब और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। विभागीय लापरवाही के कारण एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उसका आधार कार्ड निष्क्रिय हो गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला: कागजों में मृत घोषित होने से बंद हुआ आधार ग्राम बिसाना निवासी चरण सिंह पुत्र डोंडी लाल ने शनिवार को उपजिलाधिकारी (SDM) को प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका आधार कार्ड अचानक निष्क्रिय हो गया था। जब उन्होंने इसकी गहराई से जांच करवाई, तो पता चला कि विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है, जिसके कारण उनका आधार कार्ड बंद कर दिया गया। चरण सिंह ने साफ किया कि वह पूरी तरह जीवित हैं और अपने परिवार के साथ गांव में ही रह रहे हैं। चरण सिंह के अनुसार, पिछले छह महीनों से आधार कार्ड निष्क्रिय होने की वजह से उन्हें और उनके परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले राशन को लेकर आ रही है। इसके अलावा, बैंक खातों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन न होने के कारण लटके हुए हैं। बच्चों की पढ़ाई और छात्रवृत्ति पर भी संकट इस समस्या का असर सिर्फ चरण सिंह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य पर भी पड़ रहा है। आधार कार्ड न होने से बच्चों के स्कूलों में दाखिले (एडमिशन), छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) और अन्य जरूरी दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं। इस वजह से पूरे परिवार को गंभीर आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। चरण सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों के चक्कर लगाए और मिन्नतें कीं, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। पिछले छह महीने से वह न्याय के लिए भटक रहे हैं। आखिरकार थक-हारकर उन्होंने उपजिलाधिकारी से मामले में दखल देकर राहत दिलाने की गुहार लगाई। एसडीएम ने संज्ञान लेकर विकास भवन भेजा उपजिलाधिकारी मनीष चौधरी ने युवक की इस गंभीर शिकायत को ध्यान से सुना और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कदम उठाए। उन्होंने बताया कि इस तकनीकी और विभागीय समस्या के समाधान के लिए चरण सिंह को विकास भवन भेजा गया है। वहां संबंधित विभाग के माध्यम से चरण सिंह के जीवित होने का सत्यापन किया जाएगा और आधार को दोबारा एक्टिव करने की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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