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82 साल के ‘दरियादिल बाबा ‘ ने मदद के लिए कर दी अपनी जमा पूंजी दान

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82 साल के 'दरियादिल बाबा ' ने मदद के लिए कर दी अपनी जमा पूंजी दान

82 साल के ‘दरियादिल बाबा ‘ ने मदद के लिए कर दी अपनी जमा पूंजी दान

चीन के वुहान प्रांत से फैले कोरोना वायरस ने भारत में हाहाकार मचा दी है। कोरोना से अब तक देश में मरने वालों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को कोरोना से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड की शुरुआत की। देश के दिग्गजों ने कोरोना को हराने के लिए पीएम केयर्स में करोड़ों रुपये की राशि दान में दी है।

एक ही हफ्ते में पीएम केयर्स फंड में साढ़े छह हजार रुपये से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है।लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा दानवीर बन कर सामने आए कोलकाता के एक वृद्ध सुभाष चन्द्र बनर्जी जिन्होंने देश के सामने एक मिशाल पेश की है

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82 वर्षीय वृद्ध ने किया मुख्यमंत्री राहत कोष मे 10 हजार रु की राशि।कोलकाता निवासी सुभाष चन्द्र बनर्जी बालकनी से पुलिस को आवाज लगा कर दिया दान की राशि वृद्ध के बुलाने पर पुलिस कर्मियों को लगा कि वो किसी परेशानी मे हैं या भूखे हैं,लेकिन जब पुलिस कर्मी ऊपर पहुंचे तो उन्होने उन्हे बैठाया और अन्दर जा कर एक कागज लेकर आए और कांपते हाथों से पुलिस कर्मियों को सौंपा ।

यह था बैंक का चेक और दस हजार रुपये की राशि जो मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के लिए दान कर दिया ।उन्होंने कुछ लेने को नही बल्कि देने को बुलाया था आखिर एक शिक्षक जीवन भर देता ही रहता है ।कोरोना वायरस महामारी के दौर में खुद को घर में बंद करने के साथ इन्होंने जो किया, वह इतना प्रेरित कर देने वाला है कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल महसूस होता है.

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इस दरियादिल बुज़ूर्ग ने अपनी पेंशन में से 10 हज़ार रुपये का दान मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिया है. यह दरियादिली इतनी खामोशी से हुई कि अफसरों के हाथ में चेक पहुंचा तो वे भौंचक्के के रह गए.राशि में से दान किए, बिना फोटो सेशन, बिना प्रदर्शन और बगैर तामझाम के, बेहद खामोशी से. मक़सद सिर्फ़.. संकट के समय में देश की और जरूरतमंदों की मदद.

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दरअसल कोई देश इन जैसे संवेदनशील और ऊंची सोच वाले लोगों की बदौलत ही देश बनता है. सिर्फ ‘मानवों का समूह’ और संसाधन देश को परिभाषित नहीं करते, किसी देश को ‘राष्ट्र’ बनाते हैं वहां रहने वाले लोग… राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण, निष्ठा और त्याग. उन्हीं में से एक हैं यह “दरिया दिल बनर्जी .” इन्हें सलाम…लाखों बार सलाम.

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