‘2026 चार ऐतिहासिक वर्षगांठों का वर्ष’: लखनऊ में रामदत्त चक्रधर बोले-संघ का मूल ध्येय चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण, तभी बनेगा वैभवशाली भारत – Lucknow News h3>
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का बुधवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में समापन हुआ। सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि चरित्रवान, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ हिंद
.
तस्वीर में देखिए कार्यक्रम
2026 चार ऐतिहासिक वर्षगांठों का वर्ष : रामदत्त चक्रधर
सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि वर्ष 2026 कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, गुरु तेगबहादुर के बलिदान की 350वीं वर्षगांठ, वंदेमातरम् के 150 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने का वर्ष है। उन्होंने कहा कि संघ हर साल 15 से 20 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देता है और वर्तमान में देशभर में 83 हजार से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं।
भारत हिंदू राष्ट्र है, डॉ. हेडगेवार का यही दृष्टिकोण था
उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखा था। उनका मानना था कि समाज को आत्मकेंद्रित नहीं बल्कि समाजकेंद्रित बनाने की जरूरत है और इसके लिए शाखा पद्धति विकसित की गई।
देश केवल उद्योगों से नहीं, सद्गुणों से आगे बढ़ता है
रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल कारखानों और आर्थिक विकास से नहीं होता, बल्कि समाज में सद्गुणों, चरित्र और राष्ट्रीय चेतना के विकास से होता है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र भी मजबूत होगा।
कोरोना से लेकर युद्धकाल तक स्वयंसेवकों ने निभाई जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि विभाजन के समय स्वयंसेवकों ने हजारों लोगों की रक्षा की। चीन युद्ध के दौरान सेना की सहायता और रक्तदान किया। कोरोना काल में भी स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मतांतरण और परिवार व्यवस्था पर भी जताई चिंता
चक्रधर ने कहा कि समाज में परिवार व्यवस्था कमजोर हो रही है। योजनाबद्ध तरीके से मतांतरण की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया।
पर्यावरण संरक्षण भारतीय जीवन शैली का हिस्सा
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। पौधों और प्रकृति की रक्षा मानव जीवन के लिए आवश्यक है। भारतीय जीवन मूल्यों के अनुरूप जीवनशैली अपनाने की जरूरत है।
यह समापन नहीं, राष्ट्र निर्माण यज्ञ की आहुति है : पद्मश्री रामसरन वर्मा
मुख्य अतिथि पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में एक नई आहुति है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का दायित्व है कि समाज में जहां भी विभाजन या अलगाव दिखाई दे, वहां एकता और समरसता स्थापित करें।
289 स्वयंसेवकों ने लिया 20 दिन का प्रशिक्षण
कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर प्रांतों से आए 289 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में शारीरिक, बौद्धिक, सेवा, संपर्क, प्रचार और संगठनात्मक विषयों की शिक्षा दी गई। सात जून को आयोजित कुटुंब सहभोज कार्यक्रम में करीब 200 परिवारों ने भागीदारी की।
पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी समेत कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समापन समारोह में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी, एमएलसी महेंद्र सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे.पी. सैनी, बीबीएयू के कुलपति आर.के. मित्तल, एनबीआरआई के निदेशक अजीत शासने, आईएएस अनीता भटनागर जैन, पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



