आंध्र प्रदेश: सरकारी लैपटॉप खरीद में 112 करोड़ के घोटाले का आरोप, YSRCP ने CBI जांच की मांग की
आंध्र प्रदेश में TDP गठबंधन सरकार पर सरकारी स्कूलों के लिए लैपटॉप खरीदने में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। वाईएसआरसीपी (YSRCP) छात्र विंग ने दावा किया है कि इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी खजाने को करीब 11
आंध्र प्रदेश में TDP गठबंधन सरकार पर सरकारी स्कूलों के लिए लैपटॉप खरीदने में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। वाईएसआरसीपी (YSRCP) छात्र विंग ने दावा किया है कि इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी खजाने को करीब 112 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
वाईएसआरसीपी छात्र विंग के कार्यकारी अध्यक्ष ए. रविचंद्र ने ताडेपल्ली में मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार 3,500 सरकारी हाई स्कूलों की कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के लिए 27,672 लैपटॉप खरीद रही है।
खरीद प्रक्रिया और कीमतों पर गंभीर सवाल
रविचंद्र ने दावा किया कि जो लैपटॉप खुले बाजार में 45,000 से 50,000 रुपये में उपलब्ध हैं, उन्हें सरकार 89,000 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीद रही है। इस तरह हर लैपटॉप पर लगभग 40,000 रुपये अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है, जिससे कुल 112 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निविदा के नियमों में जानबूझकर ढील दी गई ताकि निजी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा सके। उनके मुताबिक, ठेके इस तरह बांटे गए कि 70 प्रतिशत आपूर्ति 'शानबे' और 30 प्रतिशत 'सेलकॉन' नाम की कंपनियों को मिली। रविचंद्र के अनुसार, इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार के 'मेक इन इंडिया' और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के दिशानिर्देशों को भी नजरअंदाज किया गया।
अन्य राज्यों से तुलना और सरकार से मांग
तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि असम के शिक्षा विभाग ने GeM पोर्टल के माध्यम से समान स्पेसिफिकेशन वाले लैपटॉप मात्र 38,501 रुपये में खरीदे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आंध्र प्रदेश सरकार दोगुनी से भी ज्यादा कीमत क्यों चुका रही है।
वाईएसआरसीपी नेता ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस भारी मूल्य अंतर पर स्पष्टीकरण मांगा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- तत्काल निविदाएं रद्द की जाएं और खरीद प्रक्रिया रोकी जाए।
- पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया जाए।
- छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण लैपटॉप की पारदर्शी खरीद सुनिश्चित हो।
रविचंद्र ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो वाईएसआरसीपी छात्र विंग पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेगा।
इनपुट: IANS



