आंध्र प्रदेश: अल नीनो की चुनौती के बीच CM नायडू का निर्देश - महंगाई न बढ़े, विकास दर बनी रहे
अल नीनो के असर से आंध्र प्रदेश में कम बारिश और घटते भूजल स्तर की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि लोगों पर महंगाई का कोई…
अल नीनो के असर से आंध्र प्रदेश में कम बारिश और घटते भूजल स्तर की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि लोगों पर महंगाई का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति बनाने का भी सुझाव दिया है।
मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में योजना विभाग द्वारा प्रस्तुत जुलाई 2026 की आर्थिक रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ऐसी आकस्मिक योजनाएँ तैयार करें जिनसे राज्य अल नीनो संकट के बावजूद अपने GSDP लक्ष्य को हासिल कर सके।
विकास दर और आर्थिक स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो के प्रभाव के बावजूद आंध्र प्रदेश ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 10.7 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर दर्ज की है। पिछले दो वर्षों से राज्य की विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है। मासिक आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 2023-24 के 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 9.9 प्रतिशत हो गया।
इस दौरान कृषि क्षेत्र में 13.5%, औद्योगिक क्षेत्र में 10.6% और सेवा क्षेत्र में 9.9% की वृद्धि देखी गई। पशुपालन में भी मांस उत्पादन 9.6% और अंडा उत्पादन 5.1% बढ़ा।
जल संकट और सरकारी कदम
मुख्यमंत्री नायडू ने चिंता जताते हुए कहा कि अल नीनो के कारण राज्य में बारिश कम हो रही है, जिससे श्रीशैलम और नागार्जुन सागर जैसी प्रमुख परियोजनाओं के जलाशय पूरी तरह से नहीं भर पाए हैं। उन्होंने बताया कि कृष्णा डेल्टा को पानी मुहैया कराने के लिए गोदावरी नदी का बाढ़ का पानी मोड़ा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि भूजल स्तर में गिरावट के बावजूद आर्थिक उत्पादन प्रभावित न हो। उन्होंने 15 प्रतिशत की विकास दर का लक्ष्य हासिल करने और निर्यात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा।
राजस्व और निवेश
आर्थिक मोर्चे पर राज्य का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। प्रौद्योगिकी एकीकरण के कारण जीएसटी संग्रह 21 प्रतिशत बढ़कर 13,282 करोड़ रुपए हो गया है। निवेश के मामले में भी राज्य में उत्साहजनक माहौल है। 2.88 लाख करोड़ रुपए की बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में 75.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लगभग 60,000 करोड़ रुपए के एमएसएमई निवेश में 73.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इनपुट: IANS



